निर्देशक आदित्य धर की 2019 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि देशभक्ति की लहर भी पैदा की। लेकिन रिलीज के समय कुछ क्रिटिक्स ने इसे राजनीतिक प्रोपेगैंडा करार दिया। आदित्य ने इन दावों पर खुलकर बात की और कहा कि फिल्म सच्चाई पर आधारित है, न कि किसी एजेंडे पर। उन्होंने इसे 'बैलेंस्ड पर्सपेक्टिव' बताया।
फिल्म 2016 के उरी हमले और उसके बाद भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी बयां करती है। विक्की कौशल, यामी गौतम, परेश रावल जैसे सितारों से सजी ये मूवी नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी है। आदित्य ने राजीव मसंद से बातचीत में कहा, "रिलीज डेट प्रोड्यूसर बिजनेस को ध्यान में रखकर तय करते हैं, न कि चुनाव या राजनीति को। हमने सिर्फ 10-11 दिनों की क्रोनोलॉजिकल घटनाओं को दिखाया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑडियंस समझदार है, जो प्रोपेगैंडा और सच्ची कहानी में फर्क जानती है।
क्रिटिक्स पर आदित्य का तीखा प्रहार
'आर्टिकल 370' से नया विवाद
यामी गौतम स्टारर 'आर्टिकल 370' पर भी इसी तरह आरोप लगे। आदित्य ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी बताया। "ये प्योर स्टोरी है, कोई जिंगोइज्म नहीं। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाने की सच्चाई दिखाती है।" उन्होंने कहा कि गलत इरादे से फिल्म बनानी होती तो रुक जाते। आदित्य की आने वाली 'धुरंधर: द रिवेंज' भी रियल इवेंट्स पर बेस्ड है।
आदित्य धर का यह बयान बताता है कि एक फिल्मकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती कला और समाज के बीच संतुलन बनाना होता है। अक्सर फिल्मों को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, लेकिन आदित्य ने यह साफ कर दिया कि उनकी फिल्म का मकसद केवल मनोरंजन और विचारों को जगाना है।