Nawazuddin Siddiqui: अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने दिवंगत अभिनेता इरफ़ान खान से होने वाली लगातार तुलना और कुछ प्रशंसकों के इस विश्वास पर प्रतिक्रिया दी है कि वह भारतीय सिनेमा में उनके जाने से बनी कमी को पूरा कर सकते हैं। अपने साफ़-साफ़ और आत्मविश्वास से भरे जवाबों के लिए जाने जाने वाले नवाज़ुद्दीन ने स्पष्ट किया कि सिनेमा में उनकी जर्नी बहुत व्यक्तिगत है और किसी की जगह लेने के बारे में नहीं है।
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता ने इस सुझाव पर प्रतिक्रिया दी कि वह इरफ़ान खान की कमी को भर सकते हैं। नवाज़ुद्दीन ने विनम्रता के साथ इस विचार को खारिज करते हुए कहा कि उनका ध्यान हमेशा एक अभिनेता के रूप में खुद को विकसित करने पर रहा है, न कि किसी और की जगह लेने पर।
एक्टर ने कहा कि मैं खुद को भरने आया हूं। मैं किसी भी अभिनेता की कमी को भरना नहीं चाहता। “मुझमें बहुत सी कमज़ोरियां हैं। मैं अपने भीतर की उस कमी को भरना चाहता हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं यहां किसी के लिए नहीं आया हूं। मैं वही कर रहा हूं, जो मैं करना चाहता हूं।
अभिनेता ने यह भी ज़ोर देकर कहा कि किरदारों के माध्यम से आत्म-खोज और विकास ही उनकी असली प्रेरणा है। उनके अनुसार हर कलाकार को दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “मुझे पता है कि मुझमें कई कमज़ोरियां हैं और मैं उन्हें किरदारों के ज़रिये समझना और दूर करना चाहता हूं। यही मेरा ध्यान है। भगवान ने आपको इतना कुछ दिया है, आपको उसी पर ध्यान देना चाहिए। आपको दूसरे अभिनेताओं की ओर देखने की ज़रूरत नहीं है। आपके भीतर बहुत कुछ है, आपको बस उसे खोजने की ज़रूरत है।”
नवाज़ुद्दीन की बातें उनके करियर को परिभाषित करती हैं। सालों से उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है और गैंग्स ऑफ वासेपुर, द लंचबॉक्स और बदलापुर जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय के ज़रिये यह साबित किया है कि परंपरागत ढांचे से अलग अभिनेता भी आलोचकों की सराहना और दर्शकों का प्यार दोनों हासिल कर सकते हैं।
काम की बात करें तो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के पास कई दिलचस्प परियोजनाएं आने वाली हैं। इनमें अदालत आधारित ड्रामा सेक्शन 108, द ग्रेट एस्केप फरार और बहुप्रतीक्षित अगली कड़ी तुम्बाड़ 2 शामिल हैं, जिसे लेकर प्रशंसकों के बीच पहले से ही काफ़ी उत्साह देखा जा रहा है।