हाल ही में रिलीज हुआ बॉलीवुड गाना ‘सरके चुनर तेरी’ विवादों में घिर गया है। इस गाने में नोरा फतेही के डांस और बोलों को लेकर धार्मिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने इसे अश्लील बताते हुए नोरा फतेही पर फतवा जारी किया है। मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि यह गाना समाज में नैतिक मूल्यों को कमजोर करता है और युवाओं को गलत दिशा में ले जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे गानों का बहिष्कार करें और फिल्मकारों से जिम्मेदारी दिखाने की मांग की है।
विवाद यहीं नहीं थमा। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, निर्माता वेंकट के. नारायण और निर्देशक किरण कुमार को नोटिस भेजा है। आयोग ने सभी को 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे पेश होने के लिए तलब किया है। आयोग का कहना है कि गाने की सामग्री यौन संकेतों से भरी और आपत्तिजनक है, जो कानून का उल्लंघन करती है। चेतावनी दी गई है कि यदि वे पेश नहीं होते तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है और नोटिस जारी किया है। सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गाने में डबल मीनिंग और अश्लील बोल हैं, जो बच्चों और आम जनता के लिए अनुपयुक्त हैं। उन्होंने मांग की है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट को रोका जाए।
यह विवाद अब सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मनोरंजन जगत में जिम्मेदारी और नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर दर्शकों का कहना है कि कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोका नहीं जाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सामाजिक संगठन इसे संस्कृति और समाज पर नकारात्मक असर डालने वाला मान रहे हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर अश्लील बोलों और डांस स्टेप्स को लेकर ट्रोलिंग का शिकार हो गया। संजय दत्त के साथ नोरा का ये आइटम नंबर कुछ ही घंटों में यूट्यूब से हटा लिया गया। फतवे में शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने साफ कहा कि ऐसे कंटेंट में शरीक होना हराम है और समाज के लिए हानिकारक।
नोरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें हिंदी वर्जन के बोलों की पूरी जानकारी नहीं थी और शूटिंग तीन साल पहले कन्नड़ वर्जन के लिए हुई थी। मेकर्स पर AI से पोस्टर जेनरेट करने और धोखा देने का आरोप लगाते हुए बोलीं, "मुझे पता था कि ये भद्दा लगेगा, लेकिन इतना नहीं। फैंस की आलोचना के लिए शुक्रिया।" गाने के लेखक ने भी पल्ला झाड़ा कि ये कन्नड़ से सीधा अनुवाद था।