Oscars Awards 2026: 'ये सबसे मुश्किल काम है', ऑस्कर प्रोड्यूसर का धर्मेंद्र 'इन मेमोरियम' स्नब पर जवाब

Oscars Awards 2026: ऑस्कर्स 2026 समारोह में दिवंगत हस्तियों को याद करने वाले ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का नाम शामिल न किए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इसे भारतीय सिनेमा के प्रति अनदेखी बताया।

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 2:00 PM
Story continues below Advertisement

धर्मेंद्र के निधन (नवंबर 2025) के बाद 2026 ऑस्कर के 'इन मेमोरियम' सेगमेंट से उनकी छूटने पर भारतीय फैंस में भारी नाराजगी फैल गई। प्रोड्यूसर रॉब मिल्स ने बैकलैश पर सफाई दी कि ये सेगमेंट चुनना बेहद कठिन होता है, लेकिन धर्मेंद्र का नाम ऑस्कर वेबसाइट की 300 नामों वाली लिस्ट में शामिल है। हेमा मालिनी ने इसे शर्मनाक बताया, लेकिन कहा कि धर्म जी को अवॉर्ड्स की परवाह कभी नहीं थी।

फैंस का गुस्सा और फैमिली रिएक्शन

15 मार्च को 98वें ऑस्कर में 15 मिनट लंबा ट्रिब्यूट चला, जिसमें रॉब राइनर, डायन कीटन जैसे हॉलीवुड नाम थे। धर्मेंद्र का नाम न दिखने से सोशल मीडिया गरमा गया "हिम्मत है तो भारत के हीरो को सम्मान दो!" हेमा मालिनी ने कहा, "ये उनकी शर्मिंदगी है। धर्म जी दुनिया भर में पहचाने जाते थे, लेकिन अवॉर्ड्स उनके लिए मायने नहीं रखते।" बेटी ईशा देओल बोलीं, "पापा को इन बातों से फर्क नहीं पड़ता, उनका दिल लोगों के प्यार में था।"

प्रोड्यूसर की सफाई


रॉब मिल्स ने स्वीकारा, "इन मेमोरियम चुनना हमारा सबसे कठिन काम है। हजारों नाम आते हैं, सिर्फ चुनिंदा को TV पर दिखा पाते हैं।" धर्मेंद्र सहित सरोजा देवी, मनोज कुमार, जयश्री कबीर जैसे 6 भारतीयों को ऑनलाइन लिस्ट में जगह मिली। मिल्स ने कहा, "हम कोशिश करते हैं सभी को सम्मान दें, लेकिन टाइम सीमाएं बाधा बनती हैं।" ये पहली बार नहीं पहले भी भारतीय सितारों को छूटा है।

BAFTA का सम्मान, ऑस्कर की चूक

फरवरी 2026 में BAFTA ने धर्मेंद्र को 'इन मेमोरियम' में शामिल किया, जहां वे इकलौते भारतीय थे। हेमा ने कहा, "शोले स्टार को ऑस्कर में नाम लेना चाहिए था।" धर्मेंद्र के 60 साल के करियर में 300+ फिल्में, 'शोले', 'चंबल की कसम' जैसे आइकॉनिक रोल्स थे।

सिनेमा का ग्लोबल चेहरा

विवाद ऑस्कर की 'हॉलीवुड सेंट्रिक' इमेज को फिर उजागर करता है। धर्मेंद्र का परिवार शांत—उनके लिए दर्शकों का प्यार ही असली ट्रिब्यूट। मिल्स का जवाब चाहे जो हो, फैंस मानते हैं कि लीजेंड का सम्मान TV पर होना चाहिए था। भारतीय सिनेमा की आवाज गूंजती रहेगी।

भारतीय फैंस ने सोशल मीडिया पर इसे “सांस्कृतिक असमानता” और “ग्लोबल आइकन की अनदेखी” बताया। धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनके पिता को याद किया जाना चाहिए था। कई लोगों ने सवाल उठाया कि ऑस्कर्स जैसे वैश्विक मंच पर चयन प्रक्रिया इतनी सीमित क्यों होती है और क्या इसमें भारतीय सिनेमा को पर्याप्त महत्व दिया जाता है।

कुल मिलाकर, धर्मेंद्र को ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट से बाहर रखना ऑस्कर्स 2026 के लिए एक बड़ा विवाद बन गया है। निर्माता रॉब मिल्स ने इसे कठिन निर्णय बताया, लेकिन भारतीय दर्शकों के लिए यह भावनात्मक चोट है। यह बहस अब इस बात पर केंद्रित है कि वैश्विक आइकन को किस तरह से सम्मानित किया जाए और चयन प्रक्रिया कितनी समावेशी होनी चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।