Prajakta Koli ने भरी नई उड़ान, 'मिसमैच्ड' के बाद अब अपनी ही किताब 'टू गुड टू बी ट्रू' के नेटफ्लिक्स अडैप्टेशन के लिए तैयार!

Prajakta Koli: अभिनेत्री और लेखिका प्राजक्ता कोली ने अपनी पहली किताब 'Too Good To Be True' के संभावित नेटफ्लिक्स अडैप्टेशन पर उत्साह जताते हुए कहा कि वह इसे स्क्रीन पर देखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अपडेटेड May 12, 2026 पर 8:51 AM
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कंटेंट क्रिएटर से अभिनेत्री बनीं प्राजक्ता कोली (MostlySane) इन दिनों सफलता के एक नए शिखर पर हैं। अपनी पहली किताब 'टू गुड टू बी ट्रू' (Too Good To Be True) की शानदार कामयाबी के बाद अब चर्चा है कि इस कहानी को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज या फिल्म के रूप में ढाला जा सकता है। एक विशेष साक्षात्कार में प्राजक्ता ने इस संभावना पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "अगर ऐसा होता है, तो मुझे 100% खुशी होगी।"

रोमांस और बॉलीवुड का गहरा प्रभाव

प्राजक्ता ने हमेशा खुलकर स्वीकार किया है कि उनकी कहानियों की जड़ें रोमांस में बसी हैं। उनके लिए रोमांस केवल एक जॉनर (Genre) नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है। उन्होंने बताया कि बड़े होने के दौरान शाहरुख खान, आमिर खान, काजोल और जूही चावला जैसे सितारों की फिल्मों ने उनके भीतर प्यार और रोमांस की समझ विकसित की। उनका मानना है कि आज भी दर्शक दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानियों के लिए तरस रहे हैं, लेकिन इंडस्ट्री में ऐसी कहानियों की कमी है।


ऑडियोबुक और लेखन का सफर

लेखन की दुनिया में कदम रखना प्राजक्ता के लिए आसान नहीं था। उन्होंने साझा किया कि वह लंबे समय से लिख रही थीं, लेकिन उनमें अपनी रचना को दुनिया के सामने लाने की हिम्मत नहीं थी। ऑडिबल के साथ अपने सहयोग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद अपनी किताब का वर्णन (Narration) करना चुना। इसके पीछे एक दिलचस्प वजह यह थी कि वह खुद को एक निर्देशक नहीं मानतीं और किसी और को यह नहीं समझा पातीं कि इस कहानी को किस लहजे में पढ़ना है। उनके लिए खुद कहानी सुनाना सबसे आसान और प्रभावी तरीका था।

आने वाले प्रोजेक्ट्स की भरमार

प्राजक्ता का आने वाला शेड्यूल काफी व्यस्त है। वह जल्द ही अपने लोकप्रिय शो 'मिसमैच्ड' (Mismatched) के फाइनल सीजन की शूटिंग शुरू करेंगी। इसके अलावा उनके पास 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'सिंगल पापा' जैसे प्रोजेक्ट्स भी कतार में हैं।

सफलता और चुनौती

प्राजक्ता का कहना है कि एक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर कैमरे के सामने रहने और एक लेखक के तौर पर पर्दे के पीछे काम करने में बहुत अंतर है। किताब की बिक्री के आंकड़ों और कॉमिक-कॉन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली पहचान ने उन्हें काफी आत्मविश्वास दिया है। वह मानती हैं कि यह सफलता उनके लिए "वैलिडेटिंग" है और उन्हें भविष्य में और अधिक लिखने के लिए प्रेरित करती है।

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