म्यूजिक के जादूगर ए.आर. रहमान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह एक इंटरव्यू से उपजी गलतफहमी है। हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में रहमान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बदलते रंगों पर बात की, जिसमें उन्होंने आठ सालों में कम काम मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शायद इसमें 'कम्युनल' एंगल भी हो सकता है, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक पत्रकार ने दावा किया कि रहमान ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था, जिससे विवाद ने तूल पकड़ ली।
इसकी खिलाफत में प्रियंका चोपड़ा की कजिन एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा और सिंगर चिन्मयी श्रीपदा ने रहमान का डटकर साथ दिया। चिन्मयी ने एक्स पर पोस्ट कर साफ किया कि 23 नवंबर 2025 को पुणे के आर.के. लक्ष्मण मेमोरियल अवॉर्ड कॉन्सर्ट में रहमान ने खुद वंदे मातरम गाया था, जहां पूरा हॉल उनके साथ गुनगुनाया। उन्होंने पत्रकार को जवाब देते हुए कहा, "रहमान हर कॉन्सर्ट में मां तुझे सलाम गाते हैं। शायद उस दिन उनकी आवाज ठीक न हो या मन न हो, ये तो सामान्य बात है।" चिन्मयी ने ट्रोल्स को ललकारा भी, "ऐसे जवाब दिखाते हैं कि हाल के दिनों में क्या गड़बड़ हुई है।" वहीं, अभिनेत्री मीरा चोपड़ा, जो प्रियंका चोपड़ा की बहन हैं, ने भी रहमान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि रहमान जैसे कलाकार को ट्रोल करना बेहद अनुचित है। मीरा ने इसे “सेलेक्टिव आउटरज” बताया और कहा कि रहमान का योगदान भारतीय संगीत और संस्कृति के लिए अमूल्य है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि रहमान को लेकर इस तरह की आलोचना करना उनके काम और पहचान का अपमान है।
रहमान ने बाद में इंस्टाग्राम पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने लिखा, "मेरा इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का कभी नहीं था। भारत मेरी मातृभूमि है और म्यूजिक के जरिए ही मैं देश की सेवा करता हूं।" विवाद के केंद्र में वंदे मातरम का मुद्दा गर्माया, क्योंकि कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़ दिया। रहमान के पुराने इंटरव्यूज भी खंगाले गए, जहां उन्होंने 'छावा' फिल्म के कुछ सीन को डिविजिव बताया था। फिर भी, उनके फैंस मानते हैं कि ये उनकी बेबाकी है।
ये विवाद कला की आजादी और पब्लिक अपेक्षाओं के बीच की जंग को दर्शाता है। रहमान जैसे कलाकार को हर कदम पर ट्रायल का सामना करना पड़ता है। चिन्मयी और मीरा जैसे सपोर्टर्स ने साबित कर दिया कि सच्चाई जल्दी बाहर आ जाती है। ए.आर. रहमान का करियर और उनकी संगीत यात्रा हमेशा से भारत की पहचान रही है। ‘जय हो’ से लेकर ‘मा तुझे सलाम’ तक, उन्होंने दुनिया भर में भारतीय संगीत का परचम लहराया है। ऐसे में चिन्मयी और मीरा चोपड़ा का बचाव यह दिखाता है कि रहमान की देशभक्ति पर सवाल उठाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके दशकों के योगदान को नजरअंदाज करना भी है।