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Raashii Khanna: राशि खन्ना ने साउथ फिल्मों में फीमेल के ऑब्जेक्टिफिकेशन का किया बचाव, कहा- बॉलीवुड में भी ऐसा होता है...

Raashii Khanna: जहां एक ओर पेड्डी में जाह्नवी कपूर केऑब्जेक्टिफिकेशन ने बहस छेड़ दी है, तो वहीं राशि खन्ना ने पहले ही इस मुद्दे पर खुलकर बात कर चुकी है। एक्ट्रेस ने कहा थी कि ये बॉलीवुड में भी होता है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 07, 2026 पर 4:07 PM
Raashii Khanna: राशि खन्ना ने साउथ फिल्मों में फीमेल के ऑब्जेक्टिफिकेशन का किया बचाव, कहा- बॉलीवुड में भी ऐसा होता है...
राशी खन्ना का कहना है कि महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन की बात करें तो, यह सिर्फ़ साउथ की बात नहीं है। मैं इसे बॉलीवुड में भी काफ़ी देखती हूं।

Raashii Khanna: राम चरण स्टारर फिल्म 'पेड्डी' हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसमें जाह्नवी कपूर के अभिनय की आलोचना हुई है, जिससे साउथ सिनेमा में महिलाओं को लेकर पर एक व्यापक बहस छिड़ गई है। पिछले साल, अभिनेत्री राशि खन्ना ने फिल्मों में महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन के बारे में बात करते हुए कहा था कि यह केवल साउथ सिनेमा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बॉलीवुड में भी देखने को मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि अभिनेत्रियों की ऐसे परफॉमेंस के साथ सहजता का स्तर अलग-अलग होता है, कुछ सहज महसूस करती हैं जबकि अन्य नहीं। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत पसंद पर कोई कमेंट नहीं करना चाहती हैं।

पिछले साल ज़ूम से बातचीत के दौरान उन्होंने साउथ में महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बहुत ज़रूरी है कि मैं जो कर रही हूं उसमें सहज महसूस करूं। अगर मुझे लगता है कि कोई सीमा पार की जा रही है और मैं उसमें सस्ती लगूंगी, तो मैं उसे मना कर दूंगी। हर एक्टर का अपना कंफर्ट ज़ोन होता है, और मैं किसी का न्याय नहीं करती।”

उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन की बात करें तो, यह सिर्फ़ साउथ की बात नहीं है। मैं इसे बॉलीवुड में भी काफ़ी देखती हूं। यह पूरी तरह से एक्टर की पसंद पर निर्भर करता है। कुछ लोग इससे सहज होते हैं, कुछ नहीं। मैंने साउथ में इतनी कमर्शियल फ़िल्में की हैं कि मुझे लगता है कि मुझे हिंदी सिनेमा में भी कदम रखना चाहिए और सकारात्मक भूमिकाएं निभानी चाहिए। मुझे व्यावसायिक फ़िल्में करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मेरी भी एक सीमा है। हर अभिनेता की सीमा अलग होती है, और यही उनकी पहचान होती है।”

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