साउथ फिल्मों के सुपरस्टार महेश बाबू अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। कुछ साल पहले उनका एक बयान "बॉलीवुड मुझे अफोर्ड नहीं कर सकता" काफी चर्चा में रहा था, जिस पर हिंदी सिनेमा के गलियारों में खूब बहस हुई थी। अब लंबे समय बाद, महेश बाबू के साथ फिल्म 'टक्करी दोंगा' (2002) में काम कर चुके अभिनेता राहुल देव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसके पीछे की एक 'मानवीय' वजह बताई है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब राहुल दे से महेश बाबू के उस मशहूर कमेंट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए एक दिलचस्प बात कही। राहुल ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो, उन्हें जुबान (हिंदी भाषा) नहीं आती, यही सच है।"
राहुल देव ने संकेत दिया कि महेश बाबू का बॉलीवुड फिल्मों से दूर रहने का एक बड़ा कारण भाषा की समस्या हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महेश बाबू जिस तरह के 'लार्जर दैन लाइफ' सिनेमा के लिए जाने जाते हैं, वैसा कंटेंट हिंदी सिनेमा में कम ही बनता है। राहुल के मुताबिक, तेलुगु सिनेमा में व्यावसायिकता और संवेदनशीलता का जो मिश्रण है, वह बॉलीवुड की मसाला फिल्मों या डार्क ड्रामा से काफी अलग है।
आखिर महेश बाबू ने क्या कहा था?
बता दें कि महेश बाबू ने फिल्म 'मेजर' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान कहा था, "हो सकता है मैं घमंडी लगूं, लेकिन मुझे हिंदी में बहुत सारे ऑफर मिले। पर मुझे लगता है कि वे मुझे अफोर्ड नहीं कर सकते। मैं अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता।" उन्होंने यह भी साफ किया था कि तेलुगु सिनेमा में उन्हें जो प्यार और स्टारडम मिला है, उसे छोड़कर वे किसी और इंडस्ट्री में काम करने की जरूरत महसूस नहीं करते।
राजामौली और प्रियंका चोपड़ा के साथ धमाके की तैयारी
भले ही महेश बाबू हिंदी फिल्मों में नजर न आए हों, लेकिन उनका अगला प्रोजेक्ट पूरी दुनिया में तहलका मचाने वाला है। वे दिग्गज निर्देशक एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म 'वाराणसी' (Varanasi) में नजर आएंगे। इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें प्रियंका चोपड़ा भी मुख्य भूमिका में होंगी, जो 7 साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, महेश बाबू इस फिल्म में 'रूद्र' और 'भगवान राम' के दोहरे किरदार में नजर आ सकते हैं। यह फिल्म 7 अप्रैल, 2027 को रिलीज होने वाली है।