सुपरस्टार राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कोनिडेला ने अपनी नवजात जुड़वां संतानों का औपचारिक परिचय दिया है। पारंपरिक नामकरण संस्कार में निकटतम परिवारजन और मित्रों की मौजूदगी रही। बेटे का नाम रखा गया शिवराम, जबकि बेटी का नाम अनवीरा देवी। यह खुशहाल समारोह तेलुगु सिनेमा जगत में चर्चा का केंद्र बन गया।
राम चरण ने वैरायटी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में नामकरण प्रक्रिया पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "नाम चुनना हमारे लिए बेहद निजी और आध्यात्मिक फैसला था। उपासना और मैंने लंबी चर्चा की, लेकिन माता-पिता भी पूरी तरह जुड़े रहे। हमारी संस्कृति में बुजुर्गों का आशीर्वाद और बुद्धिमत्ता महत्वपूर्ण होती है। उनकी भागीदारी ने इसे खास बना दिया।" उन्होंने आगे बताया कि ये नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि ताकत, प्रेम और साहस की आकांक्षा हैं। वीर का अर्थ है वीरता, 'अन' इसे असीमित बनाता है, जबकि 'देवी' शक्ति और कृपा के सह-अस्तित्व की याद दिलाता है। यह भावुक बयान प्रशंसकों के दिलों को छू गया।
उपासना ने मातृत्व के इस नए अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस बार वह पहले से कहीं अधिक सहज और आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब वह छोटी-छोटी बातों पर घबराती नहीं हैं और बच्चों के साथ समय बिताने का आनंद ले रही हैं। उपासना ने यह भी कहा कि तीनों बच्चों को साथ देखकर उन्हें अद्भुत संतुष्टि मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि राम चरण बेहद हैंड्स-ऑन पिता हैं और खासकर अपनी बेटी कारा के साथ समय बिताने में बहुत सक्रिय रहते हैं।
उपासना ने भी अपनी खुशी साझा की। पहली बार मां बनने पर सब कुछ नया और उत्तेजक लगता था, लेकिन अब वह ज्यादा शांत और स्थिर महसूस कर रही हैं। "छोटी-छोटी बातों पर घबराहट अब नहीं होती। तीनों बच्चों को एक साथ देखना अद्भुत पूर्णता का एहसास है। राम खासकर कारा के साथ बहुत सक्रिय रहते हैं। हर बच्चे को समान प्यार और सुरक्षा देना ही असली अंतर लाता है।" उनकी यह बातें आधुनिक पेरेंटिंग की मिसाल बन रही हैं।
यह खुशखबरी राम चरण के प्रशंसकों के लिए दोहरी सौगात है। पहले उनकी बेटी कारा के बाद अब जुड़वां बच्चों का आगमन परिवार को और मजबूत कर रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस #ShivramAnveera ट्रेंड करवा रहे हैं। उपासना का परिवार-केंद्रित दृष्टिकोण और राम का सहयोग युवा जोड़ों को प्रेरित कर रहा है। नन्हे शिवराम और अनवीरा देवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ तेलुगु सिनेमा में नई ऊर्जा का संचार हो गया।
31 जनवरी को जन्मे जुड़वां बच्चों का नामकरण समारोह हैदराबाद स्थित उनके घर पर आयोजित किया गया। यह आयोजन पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ के साथ हुआ। परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी ने इस पल को और भी खास बना दिया।