Ramayana: 'रामायण' रिलीज हो गई है। जहां एक तरफ फिल्म की कहानी और अभिनय की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग एक सीन की आलोचना कर रहे हैं, जिसमें साई पल्लवी को जंगल में भगवान राम के साथ मिलकर राक्षसों से लड़ते हुए दिखाया गया है। कई लोगों का मानना है कि यह तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है, क्योंकि उनके अनुसार माता सीता ने कभी भी भगवान राम के साथ मिलकर कोई युद्ध नहीं लड़ा था।
'रामायण' की आलोचना हो रही है
फिल्म के इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने कहा- “रामायण से एक और धोखा या यूं कहें कि 'स्कैमयाना' (घोटाला-रामायण)। यहां हम माता सीता को लड़ते हुए और खर-दूषण की 14,000 राक्षसों की सेना के खिलाफ श्री राम की मदद करते हुए देख रहे हैं, जबकि शास्त्रों के अनुसार श्री राम ने लक्ष्मण और माता सीता को दूर भेजकर, अकेले ही उन सभी से लड़ाई लड़ी थी।”
एक ने लिखा- अरे भगवान राम ने पूरी सेना से अकेले ही लड़ाई लड़ी थी... रामायण में इस लड़ाई का वर्णन बहुत ही भीषण है। वे उन राक्षसों के खून से सने हुए थे। माता सीता अत्यंत कोमल थीं और भगवान राम उन्हें कभी भी युद्ध के मैदान में नहीं आने देते।
एक तीसरे यूजर ने लिखा- “अरे भगवान राम ने अकेले ही पूरी सेना से लड़ाई लड़ी थी... रामायण में इस लड़ाई का वर्णन बहुत ही भीषण है। वे उन राक्षसों के खून से सने हुए थे। माता सीता अत्यंत कोमल थीं और भगवान राम उन्हें कभी भी युद्ध के मैदान में नहीं आने देते।”
एक यूजर ने लिखा की, “भगवान राम ने शूर्पणखा के भाई खर द्वारा बदला लेने के लिए भेजे गए 14,000 राक्षसों को हराया था। राम ने अकेले ही राक्षसों की पूरी सेना को परास्त कर दिया था। #रामायण फिल्म में उन्होंने इस तथ्य को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है और दिखाया है कि सीता भी राम के साथ मिलकर लड़ रही थीं। आखिर ये लोग अपनी मर्जी से कुछ भी कैसे दिखा सकते हैं?”
जानिए धर्मग्रंथ क्या कहते हैं
असल कहानी क्या है? क्या सीता ने कभी कोई युद्ध लड़ा है? ग्रंथों में इसके बारे में क्या कहा गया है, आइए जानते हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार 14 साल के वनवास के दौरान राक्षसों के खिलाफ हुए किसी भी युद्ध में सीता ने राम के साथ मिलकर लड़ाई नहीं लड़ी। शूर्पणखा को लक्ष्मण ने हराया था। राक्षस विराध से राम और लक्ष्मण ने लड़ाई लड़ी थी। वहीं खर और दूषण को उनकी पूरी सेना के साथ राम ने अकेले ही परास्त किया था।
दूसरी ओर 'अद्भुत रामायण' में सीता को देवी शक्ति के एक शक्तिशाली रूप में दिखाया गया है। इस ग्रंथ के अनुसार- जब राम हजार सिरों वाले रावण (सहस्र रावण) से हार जाते हैं, तब सीता महाकाली का रूप धारण कर लेती हैं और खुद उस राक्षस से युद्ध करती हैं। हालांकि 'अद्भुत रामायण' में सीता का एक उग्र रूप देखने को मिलता है, लेकिन इसमें घटनाओं का क्रम कुछ अलग है।
फाइट सीक्वेंस पर नितेश तिवारी
फिल्म के लॉस एंजिल्स प्रीमियर में अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए फिल्म निर्माता ने कहा- "उनके (सीता के) किरदार में भी एक्शन है। हम इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि कुछ चीजें और कुछ ऐसे किरदार हैं, जहां हम थोड़ी छूट ले सकते हैं, लेकिन कुछ किरदार ऐसे भी हैं जहां हमें बिल्कुल भी कोई छूट नहीं लेनी चाहिए। जैसे कि भगवान राम, हमारे देश में मौजूद हर संस्करण में वे भगवान राम ही हैं।"
उन्होंने आगे कहा- "जैसा कि आपने जिक्र किया मां सीता का भी एक योद्धा वाला रूप है। 'अद्भुत रामायण' में उन्हें एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दिखाया गया है। हमने वहीं से यह पहलू लिया है, जो उनके किरदार में एक नया और बेहतरीन आयाम जोड़ता है।"