Randeep Hooda: हर बड़ी फिल्म का ऑफर हां में तब्दील नहीं होता, भले ही वो प्रोजेक्ट बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त हिट हो जाए। अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अब ब्लॉकबस्टर ऐतिहासिक ड्रामा 'छावा' में एक अहम भूमिका ठुकराने के बारे में खुलकर बात की है। उनका कहना है कि यह फैसला उन्होंने अपने निजी और पेशेवर जीवन के एक बेहद मुश्किल दौर में लिया था।
अभिनेता ने बताया कि उन्हें पहले मुगल बादशाह औरंगजेब का किरदार निभाने के लिए संपर्क किया गया था। इस फिल्म में विक्की कौशल ने मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक संभाजी महाराज का किरदार निभाया था। आखिरकार यह भूमिका अक्षय खन्ना को मिली, जिनके अभिनय की फिल्म रिलीज होने के बाद खूब सराहना हुई।
ज़ूम से बात करते हुए, रणदीप ने बताया कि उन्होंने उस समय की अपनी मानसिक और भावनात्मक स्थिति के कारण वह भूमिका निभाने से इनकार कर दिया था। फिल्म निर्माता लक्ष्मण उतेकर ने उनसे स्वातंत्र्य वीर सावरकर की शूटिंग पूरी करने और पोस्ट-प्रोडक्शन में जाने के तुरंत बाद संपर्क किया था।
रणदीप ने बताया कि सावरकर की फिल्म के लिए उन्होंने अपने रूप में काफी बदलाव किया था और उस समय वे कानूनी तनाव से भी जूझ रहे थे। एक्टर ने कहा कि मैं बौद्धिक संपदा कानून के एक मुकदमे का सामना कर रहा था और पूरी कहानी में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा बहुत ज्यादा था, जिसे मैं नहीं उठाना चाहता था। तभी फिल्म ईथा मेरे हाथ लगी वह मुझे यह पसंद आई।”
अभिनेता ने यह भी बताया कि उस समय वे बेहद दुबले-पतले थे और अपनी पिछली भूमिका के लिए उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया था, जिससे उनके लिए तुरंत एक और चुनौतीपूर्ण ऐतिहासिक किरदार निभाना मुश्किल हो गया था। प्रस्ताव ठुकराने के बावजूद, 'छावा' हाल के सालों में हिंदी फिल्मों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बन गई। फिल्म में संभाजी महाराज का चित्रण और इसकी कहानी ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया औरंगजेब का किरदार फिल्म के सबसे चर्चित प्रदर्शनों में से एक बन गया।