बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसी कहानियां हैं जो कभी परदे पर नहीं आईं, लेकिन उनकी चर्चा आज भी होती रहती है। 2015 में रिलीज हुई अनुराग कश्यप की महत्वाकांक्षी फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' इन्हीं में से एक है। रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा की जोड़ी वाली यह फिल्म 1960 के दशक के मुंबई की चकाचौंध और अंधेरे को दिखाती है, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि मूल रूप से यह रणवीर सिंह के लिए तैयार की गई थी। हाल ही में अनुराग कश्यप ने खुद इस राज से पर्दा उठाया, जो बॉलीवुड के कास्टिंग गेम की सच्चाई बयां करता है।
फिल्म की शुरुआत एक छोटे बजट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। अनुराग कश्यप ने स्क्रिप्ट लिखते समय अपने दिमाग में रणवीर सिंह को ही लीड हीरो के रूप में देखा था। उस समय रणवीर बॉलीवुड में नए-नए कदम रख रहे थे। 'राम-लीला' की सफलता से पहले वे उद्योग के बड़े नामों के लिए 'ट्रेडमिल' जैसे लगते थे – ऊर्जा से भरे, लेकिन स्टारडम से कोसों दूर। कश्यप ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया, "जब मैंने इसे लिखा, तो यह रणवीर के लिए था। वे तब बहुत फ्रेश थे। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने इसे बड़े बजट पर बेच दिया और रणबीर के नाम पर। एक्टर बदल गया।"
अनुपाग ने बताया कि रणवीर को बदलने का कारण था इंडस्ट्री का दबाव। करण जौहर, आदित्य चोपड़ा जैसे दिग्गजों ने कश्यप को समझाया कि बड़े स्टार के बिना फिल्म नहीं चलेगी। स्टूडियो ने रणबीर कपूर को कास्ट करने की शर्त रखी, क्योंकि उनका नाम ही फिल्म को फंडिंग दिला सकता था। अनुराग को इस बदलाव को मानसिक रूप से स्वीकार करने में पूरे एक साल लग गए। फिर भी, उन्होंने रणबीर की तारीफ की "रणबीर ड्रीम एक्टर हैं। उनका कमिटमेंट शानदार था। एक बार मैं तैयार हो गया, तो फिल्म बनाना मजेदार हो गया।" रणवीर उस समय राम-लीला की रिलीज के इंतजार में थे, जो नवंबर में आई और उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।
फिल्म रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। 100 करोड़ से ज्यादा बजट वाली यह मूवी मिली-जुली समीक्षाओं के बावजूद कमाई में नाकाम रही। अनुराग को इस असफलता ने गहरा आघात दिया। उन्होंने कहा कि इससे वे मुंबई की कहानियों से दूर हो गए। रणबीर भी निराश हुए, लेकिन दोनों के रिश्ते पर असर पड़ा। अनुष्का से मिलने में भी कश्यप झिझकते थे।