Ranvir Shorey: एक्टर रणवीर शौरी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उनकी हिरासत को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरने के बजाय अदालतों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का रुख करना चाहिए। उनके ये बयान हुमा कुरैशी, सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा समेत कई बॉलीवुड एक्टर्स द्वारा अधिकारियों के प्रदर्शन को संभालने के तरीके की आलोचना के बीच आए हैं।
उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन आखिरी रास्ता होना चाहिए। यह न्यायपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र को दरकिनार करने का तरीका नहीं है! आपके 'असहमति के अधिकार' का मतलब यह नहीं हो सकता कि आप हफ्ते के सातों दिन 'विरोध-प्रदर्शन' करें, जिससे देश ठप हो जाए और हम बाकी लोगों की जिंदगी नरक बन जाए! सिर्फ अराजकतावादी, पब्लिसिटी चाहने वाले या बेवकूफ ही पहले से मौजूद कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना विरोध-प्रदर्शन करेंगे।"
जब एक X यूजर ने जवाब दिया कि रणवीर को यह नहीं पता कि 'CJI (मुख्य न्यायाधीश) भी समझौता कर चुके हैं' तो एक्टर ने इस दावे का मजाक उड़ाते हुए लिखा, "लंबी होती लिस्ट। मैं समझौता कर चुका हूं, दूसरे वोटर समझौता कर चुके हैं, मीडिया समझौता कर चुका है, संसद समझौता कर चुकी है, PMO समझौता कर चुका है, CEC समझौता कर चुका है, SC समझौता कर चुका है... सिर्फ सड़कों पर डफली बजाने वाली, संदिग्ध फंडिंग वाली उन पार्टियों की भीड़ ही भरोसेमंद है, जो चुनाव नहीं जीत पाईं।"
विरोध-प्रदर्शन के बारे में सब कुछ
संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई थी। वे मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होना था। लेकिन विरोध-प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आने के कुछ ही देर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दीपके और CJP के दो अन्य नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। बाद में तीनों को रिहा कर दिया गया। रविवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।
सोमवार को आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय के अंदर कोई जवाब नहीं मिला तो CJP आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा।