रैपर बादशाह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार विवाद के कारण से रैपर सुर्खियों में हैं। उनके नए हरियाणवी गाने 'टटीरी' पर पंचकूला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में 6 मार्च 2026 को FIR दर्ज हो गई। महिलाओं की अश्लील छवि और नाबालिगों को आपत्तिजनक तरीके से दिखाने के आरोप में BNS धारा 296 और इंडिसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वुमेन एक्ट की धारा 3-4 के तहत केस दर्ज हुआ। 1 मार्च को रिलीज हुए इस गाने का म्यूजिक वीडियो स्कूल यूनिफॉर्म में लड़कियों को 'बदशाला' सेटिंग में दिखाता है, जिसे 'पठशाला' का ट्विस्ट बताया गया।
लोकल रेसिडेंट की शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पानीपत की नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या और रोहतक के वकील राजनारायण पंघल ने हरियाणा स्टेट वुमेन कमीशन और चाइल्ड राइट्स कमीशन में शिकायत की। गाने की लाइन "आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बन जाने" पर आपत्ति जताई गई, जो महिलाओं को वस्तु बनाकर पेश करती है। पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, टीमें बादशाह को तलाश रही हैं। यूट्यूब से वीडियो हटवा दिया गया, बाकी प्लेटफॉर्म्स से भी रिमूवल कराया जा रहा है।
बादशाह ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा, "गाना हर जगह हटा दिया गया है। मेरा इरादा किसी महिला या बच्चे को टारगेट करने का नहीं था। ये लिरिक्स मेरे राइवल रैपर्स के लिए थे, जो टटीरी (झूठी) बातें फैलाते हैं। अगर किसी को ठेस पहुंची तो माफी मांगता हूं" उन्होंने वादा किया कि भविष्य में सेंसिटिव कंटेंट से बचेंगे। बादशाह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद कभी भी समाज या महिलाओं का अपमान करना नहीं था।
गाना अब यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म से हटाया जा चुका है, और भारत में उपलब्ध नहीं है। विवाद के बीच बादशाह के फैंस भी बंट गए हैं कुछ उनका समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ आलोचना कर रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि आज के दौर में संगीत और समाज के बीच की दूरी बेहद कम हो गई है, और कलाकारों को हर शब्द और दृश्य के असर पर विचार करना पड़ता है।
इस घटना ने एक बार फिर मनोरंजन जगत में जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोग इसे कलाकार की स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं, वहीं कई लोग मानते हैं कि पॉपुलर कलाकारों को अपने कंटेंट में सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।