सेलेब्रिटीज की जिंदगी बाहर से जितनी चकाचौंध भरी दिखती है, कई बार उन्हें पर्दे के पीछे उतने ही भयानक दौर से गुजरना पड़ता है। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन ने साल 2024 में अपने घर के बाहर हुई उस डरावनी घटना को याद किया है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब तूल पकड़ा था। दो साल पहले हुए उस 'मॉब लिंचिंग' जैसे हालात और मारपीट के मामले पर अब रवीना ने खुलकर अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने इस पूरी घटना को सोची-समझी साजिश और जबरन पैसे वसूलने (Extortion) का एक जरिया बताया है।
"सीसीटीवी फुटेज न होती तो..."
एक हालिया बातचीत के दौरान रवीना टंडन ने बताया कि सोशल मीडिया जितना मददगार है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। उस वक्त उनके घर के बाहर हुए हंगामे के वीडियो को इंटरनेट पर इस तरह से काट-छांट कर (Edit) डाला गया था, जैसे गलती उनकी या उनके ड्राइवर की हो। रवीना ने कहा, "मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं कि हमारे पास सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की फुटेज मौजूद थी, जिससे तुरंत सच सबके सामने आ गया। पुलिस ने भी जांच के बाद साफ कर दिया कि यह केवल हमसे पैसे ऐंठने और हंगामा खड़ा करने का एक पूरा प्लान था।"
अक्सर लोग यह सवाल उठाते हैं कि रवीना को खुद रात में सड़क पर उतरने की क्या जरूरत थी? इसका जवाब देते हुए अभिनेत्री ने बताया कि मामला केवल बाहर तक सीमित नहीं था, बल्कि वह भीड़ उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी। रवीना ने बताया कि उस वक्त उनके पति अनिल थडानी ऑफिस में थे और घर पर केवल उनके बच्चे थे। ऐसे में एक मां होने के नाते वह अपने बच्चों को खतरे में नहीं देख सकती थीं। भीड़ में शामिल महिलाएं बिना किसी वजह के रवीना के ड्राइवर पर आरोप लगा रही थीं। जब ड्राइवर ने उनका वीडियो बनाने से मना किया और फोन नीचे किया, तो उन महिलाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि 'तुमने मुझे कैसे छुआ? मैं पुलिस को बुलाकर तुम्हारे खिलाफ झूठा केस दर्ज कराऊंगी।'
"30 आदमियों की भीड़ ने मुझे घेरा और पीटा"
रवीना ने बताया कि वह केवल एक महिला होने के नाते दूसरी महिला से बात करने और गलतफहमी दूर करने बाहर आई थीं। उन्हें लगा कि शायद पड़ोसियों के मेहमान हैं, तो वह ड्राइवर की तरफ से माफी मांग लेंगी। लेकिन जैसे ही वह बाहर आईं, मानो भीड़ इसी का इंतजार कर रही थी। "जैसे ही मैं गेट से बाहर कदम बढ़ाए, वहां अचानक 30 आदमियों की भीड़ ने मुझे घेर लिया। मेरे ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए मुझे गेट के अंदर खींचा, लेकिन वह खुद बाहर ही छूट गया। भीड़ उसे बेरहमी से पीटने लगी। मैंने हिम्मत करके दोबारा गेट खोला और अपने ड्राइवर को खींचकर अंदर लाई और बच्चों के पास ऊपर भेजा।" रवीना ने आगे बताया कि वह भीड़ इतनी हिंसक हो चुकी थी कि उन्होंने धमकी दी कि अगर ड्राइवर को उनके हवाले नहीं किया, तो अगले दिन उसकी लाश मिलेगी। बांद्रा जैसे सुरक्षित इलाके में ऐसी घटना होना बेहद चौंकाने वाला था।