भारतीय टेलीविजन के इतिहास में ‘रामायण’ जैसी ऐतिहासिक प्रस्तुति देने वाले सागर परिवार की कहानी कहने की विरासत अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ रही है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का पहला टीज़र पोस्टर जारी किया है। यह फिल्म सात भागों में तैयार की जा रही सिनेमाई गाथा ‘श्रीमद्भागवतम्’ का पहला अध्याय होगी और 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी।
‘विष्णुरत’ का अर्थ है—‘विष्णु द्वारा संरक्षित’। यही भाव फिल्म की आध्यात्मिक और सिनेमाई यात्रा की बुनियाद भी बनता है। जारी किए गए पहले पोस्टर में फिल्म की दुनिया की शुरुआती झलक मिलती है। सागर परिवार ने 1987 में ‘रामायण’ के जरिए भारतीय टेलीविजन पर एक ऐसी प्रस्तुति दी थी, जिसने लोकप्रिय संस्कृति पर गहरी छाप छोड़ी। अब उसी विरासत से भागवत महापुराण पर आधारित एक नई सिनेमाई प्रस्तुति बड़े पर्दे पर आ रही है। भागवत महापुराण भारत के सबसे पूजनीय धर्मग्रंथों में से एक है और दुनियाभर में करोड़ों लोग इसे पढ़ते और श्रद्धा से देखते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को केंद्र में रखते हुए भागवत महापुराण भक्ति, धर्म और मनुष्य तथा ईश्वर के शाश्वत संबंध की एक विराट आध्यात्मिक दुनिया प्रस्तुत करता है।
फिल्म का सह-निर्देशन आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा कर रहे हैं। दोनों स्वर्गीय फिल्मकार और निर्माता श्री रामानंद सागर के पौत्र हैं। आकाश सागर चोपड़ा सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ हैं, जबकि अमृत सागर चोपड़ा कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, कंटेंट हैं। अमृत सागर '1971 'जैसी चर्चित और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म के निर्देशक रहे हैं, जिसका संगीत आकाश सागर ने दिया था।
फिल्म के बारे में दोनों भाइयों ने कहा, “इस फिल्म के सह-निर्देशक होने के साथ-साथ हम दोनों भाई हैं और भागवत की कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं। हमारा मानना है कि करोड़ों भारतीयों के लिए ये कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं, बल्कि हमारी सभ्यतागत स्मृति का हिस्सा हैं। हमारे दादाजी ने रामायण को पर्दे पर उतारा और वह एक ऐसा माध्यम बना, जिसके जरिए पूरी एक पीढ़ी ने इस महाकाव्य को अनुभव किया। लेकिन उन्होंने जो किया, उसे हम दोबारा नहीं बना सकते और न ही ऐसा करने की हमारी कोशिश है। हर पीढ़ी को अपनी सिनेमाई भाषा खुद खोजनी होती है, जो उसके समय के माध्यम और संभावनाओं के अनुरूप हो।”
आकाश और अमृत के मुताबिक, इस फिल्म को पर्दे तक लाने की यात्रा करीब छह साल पहले शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, “पिछले छह वर्षों से हम दोनों ने पहले भागवत को समझने की कोशिश की और उसके बाद ही खुद को इस बात के लिए तैयार किया कि इसे पर्दे के लिए लिखा जा सकता है। इस यात्रा में हमें महसूस हुआ कि पार्ट I ‘विष्णुरत’ को एक पारंपरिक फिल्म की तरह नहीं बनाया जा सकता। मूल ग्रंथ की विराटता और कल्पनाशीलता एक बहुत बड़े सिनेमाई कैनवास की मांग करती है।”
फिल्म के दृश्य संसार को तैयार करते समय भारतीय धार्मिक परंपरा में सदियों से मौजूद देवी-देवताओं की परिचित छवियों को आधार बनाया गया है। इस बारे में दोनों निर्देशकों ने कहा, “सदियों से हमारे चित्रों, मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों में ईश्वर ने अलग-अलग स्वरूप लिए हैं। हमारी कोशिश उन छवियों के प्रति सच्चे रहने की है, जिन्हें देखते, पहचानते और जिनकी आराधना करते हुए हम बड़े हुए हैं। हमारा उद्देश्य केवल नया दिखाने के लिए उन्हें नए रूप में गढ़ना नहीं है, बल्कि आज सिनेमा में उपलब्ध तकनीक और संभावनाओं की मदद से उन्हें यथार्थ, प्रामाणिकता और भव्यता के साथ जीवंत करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “‘विष्णुरत’ के जरिए हमारी कोशिश उसी परिचित और पवित्र दृश्य-स्मृति को जीवंत करने और दर्शकों को भागवत महापुराण का अनुभव अब तक के सबसे विशाल सिनेमाई कैनवास पर कराने की है।”
‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का सह-निर्देशन पुरस्कार विजेता फिल्मकार आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा कर रहे हैं। फिल्म फिलहाल निर्माण के अंतिम चरण में है। इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन डिजाइन, फिल्म निर्माण और विशिष्ट विजुअल ग्रामर का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मूल ग्रंथ की प्रामाणिकता, कल्पनाशीलता और विराटता के अनुरूप एक ऐसी सिनेमाई दुनिया बनाई जा सके, जिसे पहले इस रूप में नहीं देखा गया।
सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में सभी प्रीमियम फॉर्मेट्स में रिलीज़ होगी। फिल्म के पहले भाग से जुड़ी अन्य घोषणाएं आने वाले समय में की जाएंगी। गौरतलब है कि सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट (SPE) और सागर पिक्स ग्रुप का मोशन पिक्चर स्टूडियो भारत की प्रमुख मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनियों में से एक है। कंपनी मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में सक्रिय है। 75 वर्षों से अधिक की कहानी कहने की विरासत पर खड़ा SPE फीचर फिल्मों, प्रीमियम सीरीज़ और बड़े पैमाने के मनोरंजन अनुभवों का निर्माण करता है। कंपनी सांस्कृतिक रूप से जुड़ी कहानियों और सिनेमाई दुनिया के निर्माण पर विशेष ध्यान देती है। सात दशकों से अधिक की अपनी यात्रा में समूह ने 55 से अधिक टेलीविजन सीरीज़ और 25 से अधिक फीचर फिल्मों का निर्माण किया है।