3 Idiots में 'राजू रस्तोगी' के रोल के लिए शरमन जोशी ने दी बड़ी कुर्बानी, तीन साल इस चीज से रहे थे दूर

Sharman Joshi: अभिनेता शरमन जोशी ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 25 साल पूरे किए हैं। गॉडमदर, लज्जा और स्टाइल जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई पहचान दी। रंगमंच से आए शरमन ने फिल्मों में सफलता मिलने के बावजूद थिएटर से अपने रिश्ते को कभी नहीं छोड़ा और लगातार नए प्रोजेक्ट्स में खुद को साबित किया

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 3:44 PM
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Sharman Joshi: शरमन कहते हैं कि वो नए संकल्प नहीं लेते, बल्कि पुराने संकल्पों को निभाने में यकीन रखते हैं।

अभिनेता शरमन जोशी ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 25 साल पूरे कर लिए हैं, जो उनके समर्पण और अभिनय क्षमता को दिखाता है। गॉडमदर और लज्जा जैसी फिल्मों के बाद उन्हें फिल्म स्टाइल ने एक नई दिशा दी और उन्हें मुख्य भूमिकाओं में पहचान दिलाई। रंगमंच से निकलकर फिल्मों में कदम रखने वाले शरमन ने अपने करियर के दौरान थिएटर से अपने गहरे संबंध को कभी नहीं छोड़ा। उनकी मेहनत, कड़ी तैयारी और निरंतरता ने उन्हें सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि थिएटर की दुनिया में भी स्थापित किया।

इस साल उन्होंने सिकंदर, बांग्ला फिल्म भालोबासा मौसम, एक नाटक और ब्रेन गेम शो अंटरटेनर्स जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया, जो उनके लिए खुद को फिर से साबित करने का समय रहा। शरमन का मानना है कि जीवन में संतुलन बनाए रखना और अपने काम के प्रति ईमानदार रहना ही सफलता की कुंजी है।

काम से भरा रहा ये साल


शरमन के लिए ये साल काफी खास रहा। उन्होंने सिकंदर, एक बांग्ला फिल्म (भालोबासा मौसम), एक नाटक और ब्रेन गेम शो अंटरटेनर्स जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनके मुताबिक ये दौर खुद को फिर से मजबूत करने वाला रहा।

नए साल के संकल्प पर क्या बोले?

शरमन कहते हैं कि वो नए संकल्प नहीं लेते, बल्कि पुराने संकल्पों को निभाने में यकीन रखते हैं। उनका मानना है—दिल से काम करो, खूब घूमो और जिंदगी के हर पल का आनंद लो।

हर हाल में अच्छा करने की प्रेरणा

उनके अनुसार, काम ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। गॉडमदर उनकी पहली फिल्म थी, जिसने छह राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के बावजूद उन्होंने खुद को संतुलित रखा और अभिनय के प्रति उनकी रुचि और गहरी होती गई।

ऑफबीट से कमर्शियल तक का सफर

गॉडमदर जैसी ऑफबीट फिल्म के बाद स्टाइल जैसी पूरी तरह कमर्शियल फिल्म करना उनके करियर के लिए फायदेमंद साबित हुआ। स्टाइल को देखकर ही राजकुमार हिरानी ने उन्हें 3 इडियट्स में कास्ट किया।

किस्मत बदलने वाला मोड़

3 इडियट्स के ऑडिशन की कहानी भी दिलचस्प है। ऑडिशन के महीनों बाद राजकुमार हिरानी का फोन आया और राजू रस्तोगी का किरदार उनके नाम हो गया—साथ ही जिम छोड़ने की सख्त हिदायत भी मिली।

बच्चों की नजर से 3 इडियट्स

टीवी पर फिल्म देखकर उनके बच्चों की प्रतिक्रिया आज भी भावुक कर देती है। खासकर आत्महत्या वाले सीन ने उनकी बेटी को बचपन में बहुत डरा दिया था।

थिएटर से अटूट रिश्ता

स्टारडम के बावजूद शरमन थिएटर को अपनी जड़ मानते हैं। वो फिल्मों के साथ-साथ नाटकों की कड़ी रिहर्सल के लिए समय निकालते हैं और यही संतुलन उन्हें अलग बनाता है।

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