The 50 winner: कई हफ्तों की कड़ी मेहनत के बाद, 'द 50' आखिरकार अपने विनर तक पहुंच ही गया है। रोमांचक गेमप्ले से दर्शकों को बांधे रखने वाले इस रियलिटी शो ने अपने पहले विजेता, शिव ठाकरे को ताज पहनाया है। फैसल शेख, कृष्णा श्रॉफ और काका जैसे मजबूत दावेदारों को पछाड़ते हुए, शिव ने ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल की शुरुआत धुरंधर के टाइटल ट्रैक पर महल में एंट्री हुई। इसके बाद कई डांस परफॉमेंस हुए, जिनमें अर्चना गौतम और फैसल शेख ने अपने डांस से समां बांध दिया, वहीं डिनो ने गाना गाया।
इसके बाद द लायन ने टॉप 4 प्रतियोगियों के चयन के लिए पहला टास्क पेश किया। इस राउंड में प्रतियोगियों के हाथ पीछे बांध दिए गए थे और उन्हें शॉप 5 में से एक प्रतियोगी को बाहर करने के लिए कहा गया था। शिव, कृष्णा और काका ने रजत दलाल को चुना। टास्क में एक बॉक्स से सोने के पत्थर निकालकर रजत की टोकरी में डालने थे। कड़ी चुनौती के बाद रजत हार गए, जिससे शीर्ष 4 फाइनलिस्टों का चयन हो गया और प्रशंसकों के लिए पुरस्कार राशि बढ़कर 50 लाख हो गई।
फाइनल टास्क को रोडिज़ की शैली में डिज़ाइन किया गया था, जिसमें चार चरण थे। प्रत्येक चरण में प्रतियोगियों को एक चाबी ढूंढनी थी। पहले चरण में उन्हें हार्नेस पर लटकते हुए एक लक्ष्य पर निशाना लगाना था। दूसरे चरण में उन्हें चाबी ढूंढने के लिए दीवारों को तोड़ना था। तीसरे स्टेप में उन्हें चाबी निकालने के लिए रस्सियों को सुलझाना था, और आखिरी स्टेप में उन्हें एक पहेली हल करनी थी। प्रतियोगी सभी चरणों को सबसे कम समय में पूरा करेगा, उसे विजेता घोषित किया जाएगा।
शिव ठाकरे विजेता बनकर उभरे, जबकि फैसल शेख उपविजेता रहे। शिव की जीत से प्रिंस नरूला को भी बहुत खुशी हुई, जिन्होंने पहले उनके लिए फाइनल का अपना टिकट छोड़ दिया था। शिव ने 'द 50' की ट्रॉफी के साथ-साथ 'द 50' के पहले सीज़न के विजेता का खिताब भी अपने नाम किया। इसके अलावा, शो के दौरान उनका समर्थन करने वाले एक भाग्यशाली प्रशंसक को 50 लाख रुपये भी मिलेंगे। पुरस्कार राशि जीतने वाले प्रशंसक सीताराम प्रहलाद अघाव हैं। 50 लाख रुपये जीतने के बारे में बात करते हुए उन्होंने शिव से हिंदी में कहा, "मेरा परिवार खेती करता है। मैं बहुत खुश था, लेकिन साथ ही डर भी था कि कहीं यह धोखा न हो। मैंने आपके पिछले शो देखे हैं, इसलिए मैं आपको फॉलो करता था। मैंने अपने माता-पिता को कार और घर दिलाने का सपना देखा था, तो अब मैं उन्हें वह दे पाऊंगा।