मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह एक बार फिर अपने नए गाने को लेकर विवादों के घेरे में हैं। उनके हरियाणवी ट्रैक 'ततीरी' पर अश्लीलता और आपत्तिजनक चित्रण के आरोप लगने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। जहां एक तरफ नेटिज़न्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ म्यूजिक इंडस्ट्री से उन्हें समर्थन भी मिल रहा है। मशहूर गायिका निकिता गांधी ने अब खुलकर बादशाह का बचाव किया है और इस पूरे विवाद को 'टारगेटेड' (निशाना बनाने वाला) करार दिया है।
"बादशाह को बलि का बकरा बनाया जा रहा है"
वैरायटी इंडिया (Variety India) के साथ एक खास बातचीत में निकिता गांधी ने बादशाह के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा कि बादशाह के खिलाफ जो आक्रोश देखा जा रहा है, वह काफी हद तक गलतफहमी पर आधारित है। निकिता के अनुसार, इंडस्ट्री में और भी कई कलाकार हैं जो इससे कहीं अधिक आपत्तिजनक और 'क्रीन्जी' (Cringey) कंटेंट बनाते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कभी कोई आवाज नहीं उठाई जाती।
बादशाह का गाना 'ततीरी' रिलीज होते ही विवादों में आ गया था। आलोचकों और दर्शकों का आरोप था कि गाने के बोल भद्दे हैं और इसके विजुअल्स में अश्लील इशारों का इस्तेमाल किया गया है। सबसे ज्यादा विवाद गाने में लड़कियों को स्कूल यूनिफॉर्म में दिखाए जाने पर हुआ, जिसे समाज के एक बड़े वर्ग ने बेहद आपत्तिजनक माना। भारी विरोध के बाद बादशाह ने इस गाने के मूल वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया और बाद में 'ततीरी फिर से' नाम से एक संशोधित वर्जन जारी किया, जिसमें से विवादित हिस्सों को हटा दिया गया था।
कला और राजनीति के बीच की लकीर
निकिता गांधी ने बातचीत के दौरान यह भी साफ किया कि वह व्यक्तिगत तौर पर राजनीतिक या ध्रुवीकरण करने वाली चर्चाओं से दूर रहना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार को उसके काम (संगीत) के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि उसे बेवजह विवादों में घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानती कि बाकी कलाकार क्या सोचते हैं, लेकिन मैं म्यूजिक पर ध्यान देना चाहती हूँ। मैं बस उम्मीद करती हूँ कि बादशाह इस समय ठीक होंगे।"
निकिता का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि अक्सर बड़े कलाकारों को उनकी लोकप्रियता के कारण आसानी से निशाना बना लिया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर कलाकार की अपनी एक व्यक्तिगत राय होती है और उसे उसी तरह सम्मान दिया जाना चाहिए जैसे हम किसी के 'वोटिंग प्रेफरेंस' का सम्मान करते हैं।
बादशाह के इस विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड और इंडिपेंडेंट म्यूजिक में 'सेंसरशिप' और 'रचनात्मक स्वतंत्रता' के बीच की बहस को छेड़ दिया है। फिलहाल, बादशाह ने अपनी गलती सुधारते हुए नया वर्जन पेश कर दिया है, लेकिन निकिता गांधी के इस समर्थन ने इंडस्ट्री के भीतर चल रहे दोहरे मापदंडों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।