Soha Ali Khan: मां की बीमारी ने बदली रिश्तों की डेफिनेशन, सोहा अली खान ने बताया कैसे कैंसर के दौरान करीब आया परिवार

Soha Ali Khan: सोहा अली खान ने खुलासा किया कि उनकी मां शर्मिला टैगोर को जब 'स्टेज 1 लंग कैंसर' हुआ, तो उस कठिन दौर ने उनके परिवार को भावनात्मक रूप से एक-दूसरे के बेहद करीब ला दिया।

अपडेटेड May 08, 2026 पर 3:49 PM
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बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान ने हाल ही में अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के स्वास्थ्य और उनके आपसी रिश्तों को लेकर एक बेहद निजी खुलासा किया है। सोहा ने बताया कि जब उनकी मां को स्टेज 1 लंग कैंसर का पता चला, तो उस मुश्किल दौर ने उनके पूरे परिवार के सोचने और बात करने के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया। जो परिवार पहले अपनी भावनाएं जाहिर करने में हिचकिचाता था, वह इस बीमारी के बाद एक-दूसरे के बेहद करीब आ गया।

"हम कभी एक-दूसरे से 'आई लव यू' नहीं कहते थे"

अपने पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' (All About Her) के एक विशेष एपिसोड में सोहा ने नीतू कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी के साथ बातचीत के दौरान यह बातें साझा कीं। सोहा ने स्वीकार किया कि उनके परिवार में प्यार तो बहुत था, लेकिन उसे शब्दों में बयां करने का रिवाज नहीं था। सोहा ने उस पल को याद करते हुए कहा: "मेरी मां और मैं कभी भी फोन पर एक-दूसरे को 'आई लव यू' कहने वाले लोग नहीं थे। लेकिन जब उन्हें कैंसर का पता चला, तो उन्होंने खुद हमसे कहा कि हमें एक परिवार के रूप में ज्यादा से ज्यादा बात करनी चाहिए और अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करना चाहिए।"

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बीमारी ने बदला जीने का नजरिया

शर्मिला टैगोर की इस बीमारी ने परिवार के बीच संवाद (Communication) की एक नई लहर पैदा की। सोहा के मुताबिक, शर्मिला जी ने महसूस किया कि जीवन अनिश्चित है और हमें अपनों को यह बताने में कभी देरी नहीं करनी चाहिए कि वे हमारे लिए कितने मायने रखते हैं। इस घटना के बाद से, पटौदी परिवार में न केवल बातचीत बढ़ी, बल्कि वे एक-दूसरे की छोटी-छोटी खुशियों का भी ज्यादा ख्याल रखने लगे।

पीढ़ियों का अंतर और भावनाओं का इजहार

बातचीत के दौरान सोहा ने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच प्यार जताने का तरीका बदल जाता है। पुरानी पीढ़ी अक्सर काम और जिम्मेदारी के जरिए अपना प्यार दिखाती थी, लेकिन आज की पीढ़ी शब्दों और स्पर्श (जैसे गले मिलना) के जरिए इसे व्यक्त करना जरूरी समझती है। सोहा ने बताया कि उनकी मां की इस पहल ने उनके बीच की झिझक को खत्म कर दिया।

नीतू कपूर के साथ साझा किए अनुभव

इस पॉडकास्ट में नीतू कपूर ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने खुद अपने पति ऋषि कपूर की कैंसर के साथ जंग के दौरान इसी तरह के भावनात्मक बदलाव महसूस किए थे। सोहा और नीतू की इस बातचीत ने यह संदेश दिया कि कठिन समय अक्सर परिवारों को तोड़ने के बजाय उन्हें और मजबूती से जोड़ने का काम करता है।

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