Get App

Sona Mohapatra ने Badshah के गाने ‘Tateeree’ पर साधा निशाना, कहा, 'पॉप म्यूजिक में महिलाओं के खिलाफ ट्रोप्स को चुनौती दीजिए...'

Sona Mohapatra On Badshah New Song: गायिका सोना मोहापात्रा ने रैपर बादशाह के हालिया गाने ‘टटिरी’ को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह गाना पॉप कल्चर में बार-बार इस्तेमाल होने वाले महिला-विरोधी ट्रोप्स का उदाहरण है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 11, 2026 पर 2:38 PM
Sona Mohapatra ने Badshah के गाने ‘Tateeree’ पर साधा निशाना, कहा, 'पॉप म्यूजिक में महिलाओं के खिलाफ ट्रोप्स को चुनौती दीजिए...'

गायिका सोना मोहपात्रा ने रैपर बादशाह के विवादित हरियाणवी गाने 'टटिरी' पर कड़ा प्रहार किया है, इसे महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि आर्टिस्ट्स को मिसोजिनी को चुनौती देनी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, सोना ने सोशल मीडिया पर बादशाह को टैग कर लिखा, "तुम मिसोजिनी को चैलेंज कर सकते हो, इसे बढ़ावा मत दो।" यह बयान उस वक्त आया जब गाना रिलीज होते ही बवाल मच गया।

बादशाह का 'टटिरी' गाना हरियाणा की संस्कृति को बढ़ावा देने का दावा करता था, लेकिन इसके बोल—"आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने"—और वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म में लड़कियों के डांस ने आग लगा दी। शिकायतकर्ताओं ने इसे महिलाओं और नाबालिगों का अपमान बताया। हरियाणा महिला आयोग ने सुओ मोटो संज्ञान लेते हुए बादशाह को 13 मार्च को पंचकूला समन जारी किया। हरियाणा पुलिस ने पंचकूला साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज की, लुकआउट नोटिस जारी किया और यूट्यूब से वीडियो हटवा लिया। गाने को 50 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, लेकिन बैकलैश के बाद बादशाह ने सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया।

बादशाह ने इंस्टाग्राम वीडियो में माफी मांगते हुए कहा कि, "मैंने किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। हरियाणा का बेटा हूं, मुझे माफ कर दो। गाना हटा लिया गया है।" उन्होंने कहा कि हरियाणवी कल्चर को प्रमोट करने का मकसद था, लेकिन गलत समझा गया। सोना ने इसे खारिज करते हुए कहा कि आर्टिस्ट्स को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। ऐसे कंटेंट से समाज पर बुरा असर पड़ता है। यह विवाद रैप म्यूजिक में सेक्सिस्ट लिरिक्स की बहस को फिर जिंदा कर दिया, जहां 'बिग बॉस' फेम बादशाह पहले भी 'सुंदर सस्सी' जैसे गानों से ट्रोल हो चुके हैं।

हालांकि, सोना मोहापात्रा ने उनकी माफी को अपर्याप्त बताते हुए कहा “Grow a brain!” यानी कलाकारों को समझना चाहिए कि उनका काम सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि समाज पर असर डालने वाला माध्यम भी है। उन्होंने यह भी लिखा कि misogyny को चुनौती देना संभव है, लेकिन इसे बार-बार बढ़ावा देना बेहद गलत है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें