Sushant Singh Rajput birth anniversary: सुशांत सिंह राजपूत की बर्थ एविनर्सरी पर देशभर के फैंस एक ऐसे अभिनेता को याद कर रहे हैं, जिनकी लाइफ सिनेमा से कहीं आगे थी। अपनी इंटेलीजेंस, एक्साइटमेंट और शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले सुशांत की अपनी अलग दुनिया था ।
सुशांत सिंह राजपूत बचपन से ही पढ़ाई में बेहद अच्छे थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की फिजिक्स ओलंपियाड में हाई रैंक मिला था और टीचर्स के बीच ब्राइट स्टूडेंट होने के चलते पॉपुलर थे। विज्ञान उनके लिए केवल एक सब्जेक्ट नहीं था, बल्कि एक जुनून था जिसने उनके सोचने और जीने के तरीके को आकार दिया।
इंजीनियरिंग इंटरेंस एग्जाम में टॉप रैंक
उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की इंटरेंस एग्जाम में अखिल भारतीय स्तर पर 7वीं रैंक हासिल की और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया। इंजीनियरिंग को छोड़ना उनके लिए एक रिस्क था। यह आत्मविश्वास, स्पष्टता और परंपरा के बजाय अपने जुनून को चुनने के साहस से प्रेरित एक रिस्क से भरा डिसीजन था।
एस्ट्रोनॉमी और स्पेस से लगाव
सुशांत को खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी में इंस्ट्रेस्ट था। उनके पास एक खास दूरबीन थी और वे नियमित रूप से रात को आकाश के बारे में जानने के लिए यूज करते थे। उनका इंट्रेस्ट केवल शौक तक सीमित नहीं थी, बल्कि ब्रह्मांड, समय और फेम से कहीं चीजों के बारे में जानना और उनका सही यूज करना भी था।
अपनी मां के नाम पर वैज्ञानिक अनुसंधान को स्पोंसर करना
अपनी दिवंगत मां को श्रद्धांजलि देते हुए, सुशांत ने उनके नाम पर स्थापित चंद्र क्रेटर अनुसंधान परियोजना को आर्थिक सहायता प्रदान की। यह विज्ञान, स्मृति और अर्थ को आपस में जोड़ने का उनका तरीका था, जिससे यह साबित होता है कि अंतरिक्ष के प्रति उनका लगाव कितना था।
5. लाइफ के 50 गोल की लिस्ट मेंटेन करना
उन्होंने अपने 50 सपनों की एक लिस्ट बनाई थी, जिसमें एडवांस फिजिक्स सीखना, एरोप्लेन उड़ाना, मार्शल आर्ट में महारत हासिल करना और एक्प्लोर ह्यूमन माइंड जैसी कई चीजें शामिल थी। सामान्य इच्छाओं की सूचियों के विपरीत, सुशांत ने अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया।