बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत पर खुलकर गुस्सा जाहिर किया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। यह घटना बिहार में छात्र आंदोलन को नई आग दे रही है।
पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में 18 साल की छात्रा 6 जनवरी को बेहोश मिली थी। जहानाबाद की यह लड़की NEET की तैयारी कर रही थी। कई दिनों कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिवार ने हॉस्टल स्टाफ पर लापरवाही और संदिग्ध परिस्थितियों का आरोप लगाया। पोस्टमॉर्टम में स्लीपिंग पिल्स की अधिक मात्रा और टाइफॉइड सामने आया, लेकिन यौन हिंसा की आशंका से केस ने राजनीतिक रंग ले लिया। CBI ने जांच संभाल ली है।
अभिनेत्री तापसी पन्नू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'एक और NEET स्टूडेंट की मौत। कितनी हो जाएंगी तब सुधरेंगे? हॉस्टल सेफ्टी, मेंटल हेल्थ और कोचिंग कल्चर पर सवाल उठाने का वक्त आ गया। ये बच्चे डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन सिस्टम उन्हें मार रहा। गुस्सा आता है।' उनकी पोस्ट वायरल हो गई। तापसी 'हसीन दिलरुबा' और 'लूप लापेटा' जैसी फिल्मों से जानी जाती हैं, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर उनकी आवाज हमेशा बुलंद रहती है।
पटना में अब तक कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी में ही एक 15 साल की लड़की ने हॉस्टल में फांसी लगा ली। उसके पिता ने दो लड़कों पर परेशान करने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। विपक्ष ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा और CBI जांच की मांग की। हॉस्टल सील कर दिया गया। यूनियन मिनिस्टर जीतन राम मांझी ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
तापसी का गुस्सा उन लाखों पैरेंट्स की पीड़ा बयां करता है जो बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेजते हैं। कोचिंग हब्स में दबाव, असुरक्षा और सुविधाओं की कमी आम समस्या है। छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए। सरकार ने SIT बनाई, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं हुआ। यह घटना पूरे देश को झकझोर रही है। तापसी जैसे सितारे आवाज उठाकर बदलाव की उम्मीद जगाते हैं। शिक्षा का सपना त्रासदी में न बदल जाए, इसके लिए सिस्टम में सुधार जरूरी है।