साल 2026 की शुरुआत बॉलीवुड के लिए बेहद खास होने जा रही है। श्रीराम राघवन निर्देशित फिल्म ‘इक्कीस’ का पहला रिव्यू सामने आ चुका है और इसे देखकर दर्शकों के दिलों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह फिल्म न सिर्फ एक युद्ध गाथा है बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है जो लंबे समय तक याद रह जाएगा।
फिल्म ‘इक्कीस’ भारत के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की कहानी पर आधारित है। उनकी बहादुरी और बलिदान को पर्दे पर उतारना अपने आप में चुनौती थी, जिसे राघवन ने बेहद ईमानदारी और संवेदनशीलता से पेश किया है। खास बात यह है कि यह फिल्म दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी ऑन-स्क्रीन प्रस्तुति है। रिव्यू में साफ लिखा गया है कि धर्मेंद्र ने अपने किरदार में ऐसी गहराई और गरिमा जोड़ी है कि दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह सकते। एक समीक्षक ने लिखा, “अगर यह आपकी आखिरी फिल्म है तो दिल टूट जाता है, आपने हमें कुछ बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक सौंपा है।”
वहीं, जयदीप अहलावत ने अपने अभिनय से सबको चौंका दिया है। उनकी परफॉर्मेंस को ‘सरप्राइज पैकेज’ कहा जा रहा है, जो कहानी को मजबूती और धार देता है। दूसरी ओर, अगस्त्या नंदा (अमिताभ बच्चन के पोते) ने अपने डेब्यू से सबका ध्यान खींचा है। समीक्षकों का मानना है कि अगस्त्या ने स्क्रीन पर ऐसी मासूमियत और ऊर्जा दिखाई है जो किरदार को जीवंत बना देती है। उनकी केमिस्ट्री नई अभिनेत्री सिमर भाटिया के साथ भी ताजगी भरी लगी।
मुंबई में हुई स्पेशल स्क्रीनिंग में सलमान खान और सनी देओल जैसे सितारे भी मौजूद थे, जिससे फिल्म का माहौल और भी खास बन गया। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘इक्कीस दिल से बनी फिल्म है, जिसकी ईमानदार कहानी लंबे समय तक आपके साथ रहती है।’
फिल्म का हर फ्रेम युद्ध की तीव्रता और मानवीय भावनाओं को जोड़ता है। यह सिर्फ एक वॉर ड्रामा नहीं बल्कि साहस, बलिदान और इंसानी रिश्तों की कहानी है। धर्मेंद्र की विदाई, जयदीप का दमदार अभिनय और अगस्त्या की चमक इसे एक ऐसा अनुभव बनाते हैं जिसे दर्शक लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।