Nani: हेयरस्टाइल को लेकर हुई एक हल्की-फुल्की बातचीत तब एक अलग मोड़ पर पहुंच गई, जब एक्टर नानी ने सुझाव दिया कि महिलाओं को फिर से चोटी (braids) बनानी चाहिए। लोग पश्चिमी संस्कृति से बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कर्नाटक में अपनी आने वाली फिल्म 'द पैराडाइज' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने यह बात कही, जिस पर पत्रकारों ने प्रतिक्रिया दी और बाद में सोशल मीडिया पर भी इस पर चर्चा शुरू हो गई।
नानी अपने किरदार 'जडल' के बारे में बात कर रहे थे, जो फिल्म में चोटी वाला हेयरस्टाइल अपनाता है। इसी दौरान उन्होंने महिलाओं को भी यह लुक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। पत्रकारों के साथ शुरू हुई यह हल्की-फुल्की बातचीत जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और कुछ यूजर्स ने नानी के कमेंट पर सवाल उठाए।
नानी ने चोटियों (braids) के बारे में क्या कहा?
'द पैराडाइज' में अपने किरदार के हेयरस्टाइल के बारे में बात करते हुए नानी ने कहा कि आजकल वे महिलाओं को शायद ही कभी चोटियां बनाए हुए देखते हैं। एक्टर ने सुझाव दिया कि यह स्टाइल फिर से चलन में आना चाहिए। उन्होंने इवेंट में मौजूद एक महिला रिपोर्टर की ओर इशारा करते हुए कहा कि उसने चोटी नहीं बनाई हुई है। नानी ने याद किया कि कैसे पारंपरिक रूप से मां अपनी बेटियों के बाल गूंथती थीं। एकटर ने कहा की उनकी नजर में लोग पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका किरदार जडाल, एक नया ट्रेंड शुरू करेगा।
रिपोर्टर ने बातचीत का बदला टॉपिक
रिपोर्टर ने जवाब में कहा कि पुरुष भी आजकल अपने बाल लंबे रख रहे हैं। नानी ने बातचीत जारी रखते हुए बताया कि उनके स्कूल में लड़कियों के बाल घने हुआ करते थे। उन्होंने बालों में चोटी बनाने और तेल लगाने को मजबूत बालों से भी जोड़ा और कहा कि महिलाओं को अपने बाल गूंथने चाहिए और तेल लगाना चाहिए ताकि उन्हें उनके किरदार जडाल जैसे बाल मिल सकें।
इसके बाद एक और महिला रिपोर्टर ने मजाक में कहा कि अगर उन्होंने फिल्म के लिए विग पहनने के बजाय सच में अपने बाल बढ़ाए होते तो शायद कोई महिला उनकी बात सुनती। इस कमेंट पर नानी हंस पड़े। जब रिपोर्टर ने बताया कि आजकल महिलाओं के पास अपने बालों की देखभाल के लिए ज्यादा समय नहीं होता तो नानी ने उनकी बात मानी।
ऑनलाइन इस बातचीत पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। जहां कुछ यूजर्स को नानी और रिपोर्टरों के बीच की बातचीत मजेदार लगी, वहीं दूसरों ने उनके इस सुझाव की आलोचना की कि महिलाओं को फिर से चोटियां बनानी चाहिए। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, "ओह, प्लीज अपनी राय अपने तक ही रखें, सर। आप इन सबमें क्यों पड़ रहे हैं? क्या यह आपकी समस्या भी है? चोटी बनाने में मेहनत, समय और अभ्यास लगता है। हमारे पास अब 'चोटियों' से ज्यादा जरूरी चीजों पर ध्यान देने के लिए काम हैं।"
एक और यूजर ने कहा, "वहीं दूसरी ओर, वे हर जगह और हर समय शॉर्ट्स और बनियान पहने रहते हैं... उन्हें यह भी नहीं पता कि प्राचीन पुरुषों के पारंपरिक कपड़े क्या थे।" एक तीसरे यूजर ने सवाल किया, "शॉवर में आने वाले खारे पानी (hard water) के बारे में कौन बात करेगा?" एक और यूजर ने कहा, "मुझे सच में समझ नहीं आता कि पुरुषों की इतनी राय क्यों होती है।"
'द पैराडाइज' की रिलीज़ की तारीख
'द पैराडाइज' में नानी, कयादु लोहार, मोहन बाबू और राघव जुयाल हैं। श्रीकांत ओडेला द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।