Udta Teer Review: धर्मा प्रोडक्शंस और सिख्या एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी ‘उड़ता तीर’ कॉमेडी, रोमांस, एक्शन और मजेदार म्यूजिक का मिक्चर है। आयुष्मान खुराना और सारा अली खान स्टारर यह फिल्म स्पाई बैकग्राउंड, हैरान कर देने वाले हादसे और कॉमेडी से भरपूर दर्शकों का दिल जीतने को तैयार है। आकाश ए कौशिक के लेखन और निर्देशन में बनी फिल्म का अटरेक्शन इसकी कहानी, कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग है।
फिल्म की शुरुआत पाकिस्तान के मुदिरका से होती है, जहां आतंकवादी अजहर मकसूद 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत से बदला लेने की योजना बना रहा है। अब दिल्ली में छिपा हुआ अजहर 'हिंडर' (Hinder) नाम के एक मुस्लिम डेटिंग ऐप पर अपनी 'हूर' की तलाश कर रहा है, जबकि बैकग्राउंड में 'अजरबैजान' (Azerbaijaan) नाम का गाना बज रहा है। यह काफी मजेदार है और एक पल के लिए आपको लगता है कि पूरी फिल्म इसी तरह के हल्के-फुल्के और मजेदार अंदाज में आगे बढ़ेगी।
इसके साथ-साथ पाकिस्तानी मिलिट्री एजेंट बिलाल अहमद (उर्फ विक्रांत थापर) की कहानी भी चलती है, जो एक पाकिस्तानी जासूस के रूप में भारत के 'काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड' (आतंकवाद विरोधी दस्ते) में काम कर रहा है। सीमा पार से हुई गोलीबारी में अपने माता-पिता को खोने के बाद विक्रांत इस जासूसी के काम को उनके मौत का बदला लेने के एक मौके के रूप में देखता है। भारतीय खुफिया टीम में उसके साथ एक और पाकिस्तानी, ध्रुव (उर्फ अशफाक) भी शामिल है।
हालांकि एक ऑपरेशन के दौरान विक्रांत और ध्रुव के बॉस बर्मन को उनकी असली पहचान का पता चल जाता है। कार के अंदर हाथापाई होने से एक एक्सीडेंट हो जाता है, जिसके बाद बर्मन कोमा (वेजिटेटिव स्टेट) में चले जाते हैं। इस बीच विक्रांत की याददाश्त चली जाती है और उसे लगने लगता है कि वह भारत के लिए काम करने वाला एक देशभक्त एजेंट है। इसके बाद कई ऐसे मिशन आते हैं, जो गलतफहमियों और अफरा-तफरी के कारण एक कॉमेडी में बदल जाते हैं।
निजी जिंदगी में भी विक्रांत की हालत काफी उलझी हुई है। भारतीय रक्षा मंत्रालय में काम करने वाली यामिनी के साथ उसकी शादी टूटने की कगार पर है और दोनों तलाक लेने वाले हैं। इसके बाद शुरू होता है बवाल, जो आपको सिनेमाघरों में जाकर देखना होगा।
आयुष्मान खुराना अपने किरदार में काफी जच रहे हैं। इस फिल्म में एक बार फिर उनका पुराना अंदाज देखने को मिला है। चेहरे के भावों और कॉमिक टाइमिंग शानदार हैं। आयुष्मान कई जगह थोड़े से ढीले पढ़ते हैं, लेकिन समय रहते लय पकड़ लेते हैं। वहीं सारा अली खान यामिनी के किरदार में अच्छी लग रही हैं। सपोर्टिंग एक्टर्स में सुहैल नैय्यर, राम कपूर, राहुल बोस, बृजेंद्र काला, गुलशन ग्रोवर और रघुबीर यादव ने कॉमेडी शानदार की हैं। सुप्रिया पिलगांवकर अपनी भूमिका से फैमला टच देती हैं। वहीं मुकुल देव को देखना फैंस को इमोशनल कर देता है। उनकी ये आखिरी फिल्म है।
आकाश ए कौशिक के निर्देशन का मूल्यांकन इस आधार पर किया जा सकता है कि फिल्म रहस्य, कॉमेडी और इमोशनल सीन्स के बीच अच्छे बैलेंस बनाया है। कॉमेडी सीन, कलाकारों के कॉमिक...इमोशनल रिएक्शन और पंचलाइन अपनी जगह पर सटीक बैठती हैं। कहीं-कहीं फिल्म थोड़ी कमजोर भी पढ़ती है।
सिनेमैटोग्राफी केवल अटरेक्टिव फ्रेम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कैमरा एंगल, शॉट, कैमरा मूवमेंट और फ्रेम के भीतर कलाकारों की कहानी के एक्सप्रेशन और कॉमेडी को प्रभावित करते हैं। स्पाई जॉनर में सीन्स को क्लीयर रखना और किरदारों की एक्टविटी को सहज बनाना जरूरी होता है। बात म्यूजिक की करें तो सचिन-जिगर का म्यूजिक फिल्म के अलग-अलग मूड के अनुरूप माहौल देता है। बैकग्राउंड स्कोर आपको कई जगह इम्प्रैस करेगा।
फिल्म के सेकेंड हाफ को और मजेदार किया जा सकता था। वहीं म्यूजिक अच्छा है पर जल्द जुबान पर नहीं चढ़ता है। कहानी को थोड़ा और क्लीयर होना चाहिए था, कई जगह आप कन्फ्यूज हो जाते हैं कुछ समझ नहीं आता है।
‘उड़ता तीर’ कॉमेडी, रोमांस, म्यूजिक और स्पाई बैकग्राउंड को मिलाकर एक मेन स्ट्रीम फैमली फिल्म है। आयुष्मान खुराना की कॉमिक टाइमिंग, सारा अली खान की एनर्जी और शानदार सपोर्टिंग एक्टर की मौजूदगी इसे मजेदार बनाती है। अगर आप एक्शन फिल्में देखकर बोरियत महसूस कर रहे हैं, तो एक बार इस फिल्म का मजा ले सकते हैं। फिल्म वन टाइम वॉच है। इस फिल्म को हम 3.5 स्टार रेटिंग देते हैं।