Get App

Varun Dhawan: वरुण धवन ने मिडिल क्लास परिवार में बीते बचपन को किया याद, बोले- जब पापा की फिल्म फ्लॉप हुई तो...

Varun Dhawan: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने अपने मिडिल क्लास फैमली में बीते बचपन को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पैसे से अधिक हमेशा प्यार को महत्व दिया जाना चाहिए।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 4:57 PM
Varun Dhawan: वरुण धवन ने मिडिल क्लास परिवार में बीते बचपन को किया याद, बोले- जब पापा की फिल्म फ्लॉप हुई तो...
वरुण धवन ने मिडिल क्लास परिवार में बीते बचपन को किया याद

Varun Dhawan: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन, जाने-माने फिल्म निर्माता डेविड धवन के बेटे हैं। हालांकि अभिनेता आज आलीशान जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि उनका पालन-पोषण एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ और उन्हें पैसे से कहीं अधिक प्यार मिला है। उन्होंने यह भी याद किया कि कैसे वे ऑटो से स्कूल जाते थे और अपने पिता की फिल्म फ्लॉप होने पर उन्हें खर्च में कटौती करनी पड़ी थी।

'बी अ मैन, यार!' के हालिया एपिसोड में वरुण ने अपने बचपन के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनके पिता दिन-रात काम करते थे। उन्होंने कहा, "मुझे बचपन में पैसे से कहीं ज्यादा प्यार मिला। क्योंकि हम उतने रिच नहीं थे, जितने बाद में हुए। हम मिडिल क्लास फैमली के थे क्योंकि मेरे पिताजी का करियर उस स्तर तक नहीं पहुंचा था।

अभिनेता ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखती थी और उन्होंने ऑटो से स्कूल जाने के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “आप ज़मीन पर सुला लो या बिस्तर पर, कोई फर्क नहीं पड़ता। पापा तो घर पर होते ही नहीं थे। वो दिन-रात दो फिल्में करते रहते थे। मम्मी कहती थीं ये खाना जो तुम खा रहे हो, ये पापा काम कर रहे हैं, इसलिए खा रहे हो, ऐसे डायलॉग सुनने को मिल जाते थे। या कोई फिल्म नहीं चली तो पापा की ये फिल्म नहीं चली, अब आगे पता नहीं क्या करेंगे, इसलिए खर्च कम करना पड़ेगा।

डेविड धवन ने 1984 में आई फिल्म 'सारांश' में संपादक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, बाद में वे निर्देशक बने और कॉमेडी फिल्मों में विशेषज्ञता हासिल की। ​​उन्होंने 1989 में संजय दत्त और गोविंदा अभिनीत फिल्म 'ताकतवर' से निर्देशन के क्षेत्र में पदार्पण किया। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1993 में 'आंखें' की सफलता से मिली। इसके बाद उन्होंने गोविंदा के साथ 'बीवी नंबर 1', 'शोला और शबनम', 'कुली नंबर 1', 'राजा बाबू', 'हीरो नंबर 1', 'पार्टनर' और कई अन्य बड़ी हिट फिल्में दीं। अपने करियर में उन्होंने लगभग 45 फिल्मों का निर्देशन किया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें