वीर दास की लीड रोल वाली स्पाई-कॉमेडी 'हैप्पी पटेल: खतर्नाक जासूस' रिलीज के चार दिन बाद मुश्किलों में फंस गई है। आमिर खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी ये फिल्म 16 जनवरी 2026 को थिएटर्स में उतरी, लेकिन शुरुआती उत्साह के बाद दर्शकों का रुझान कम होता नजर आ रहा। पहले वीकेंड में मामूली कमाई के बाद सोमवार को कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो फिल्म की सेहत के लिए खतरे की घंटी है।
फिल्म ने पहले दिन 1.25 करोड़ नेट की ओपनिंग की है। शनिवार को 1.6 करोड़ और रविवार को 1.5 करोड़ जोड़ते हुए वीकेंड टोटल 4.35 करोड़ रहा। लेकिन चौथे दिन (सोमवार) कलेक्शन घटकर महज 0.48 करोड़ नेट (ग्रॉस 0.57 करोड़) रह गया। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक कुल चार दिन का भारत नेट कलेक्शन 4.75 करोड़ हो चुका है। कई इलाकों में ऑक्यूपेंसी 10% से नीचे लुढ़क गई, खासकर वीकडे शोज में सुबह के स्लॉट्स में महज 4-5% ही दर्शक नजर आए। ये ट्रेंड बताता है कि शुरुआती क्यूरियोसिटी के बाद वर्ड ऑफ माउथ काम नहीं कर पाया।
विर दास ने खुद डायरेक्ट और को-राइट किया है, जिसमें मिथिला पालकर, मोना सिंह, शरिब हाशमी जैसे कलाकार हैं। जासूसी फिल्म मेटा ह्यूमर और स्लैपस्टिक का मिश्रण है, जिसकी कुछ सराहना हुई लेकिन क्रिटिक्स और ऑडियंस के रिव्यू मिक्स्ड रहे। जहां क्विर्की जोक्स को पसंद किया गया, वहीं कईयों को कॉमेडी में वो धार नजर न आई जो आमिर खान प्रोडक्शन से उम्मीद थी। निचले बजट की फिल्म होने से 10 करोड़ तक पहुंचना भी मुश्किल लग रहा, खासकर जब 'बॉर्डर 2' जैसे बड़े रिलीज बाकी हैं।
फिल्म में विर दास ने न सिर्फ अभिनय किया है बल्कि इसे को-डायरेक्ट भी किया है। हल्की-फुल्की जासूसी कहानी और कॉमिक टाइमिंग के बावजूद दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने फिल्म की सबटल कॉमेडी और मेटा रेफरेंसेज को सराहा, वहीं कई दर्शकों को यह उतनी मजेदार नहीं लगी। यही वजह रही कि वीकेंड के बाद फिल्म की पकड़ कमजोर पड़ गई।
हालांकि, यह भी सच है कि फिल्म का बजट अपेक्षाकृत छोटा था और शुरुआती दिनों में इसे ठीक-ठाक दर्शक मिले। लेकिन सोमवार की गिरावट ने साफ कर दिया कि लंबे समय तक टिके रहने के लिए इसे और मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ की जरूरत है।
ट्रेड एनालिस्ट मानते हैं कि अब साप्ताहिक प्रदर्शन पर सबकी नजर है। अगर वर्ड ऑफ माउथ न चला तो थिएट्रिकल रन छोटा रह सकता है। विर दास के फैनबेस ने सपोर्ट किया, लेकिन मास अपील की कमी ने नुकसान पहुंचाया। फिल्म का फ्यूचर ओटीटी पर ज्यादा मजबूत लग रहा। दर्शकों ने कहा, "कॉमेडी अच्छी है लेकिन बड़े परदे के लिए कमजोर।" ये फिल्म साबित करती है कि स्टार-पावर के बिना कंटेंट को भीड़ खींचनी पड़ती है।