Aamir Khan: "बचपन में रोमांटिक फिल्में देखना था मना", आमिर खान ने खुद को बताया 'किताबी कीड़ा'

Aamir Khan: आमिर खान ने खुलासा किया है कि एक रूढ़िवादी परिवार में परवरिश के कारण उन्हें बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की अनुमति नहीं थी और वह आज भी बहुत कम फिल्में देखते हैं। उन्होंने खुद को फिल्मों से ज्यादा किताबों का शौकीन बताया और कहा कि वह वर्तमान में अपने प्रोडक्शन की फिल्मों 'एक दिन' और 'लाहौर 1947' की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं।

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 8:20 PM
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बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहे जाने वाले आमिर खान अपनी फिल्मों में बारीकियों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर को 'कयामत से कयामत तक' जैसी कल्ट रोमांटिक फिल्म देने वाले आमिर को खुद बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की इजाजत नहीं थी? हाल ही में एक इंटरव्यू में आमिर ने अपनी निजी जिंदगी और सिनेमा को लेकर अपनी पसंद पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

फिल्मों से ज्यादा किताबों से है लगाव

वेराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया कि वह एक 'अजीब' आदत के शिकार हैं उन्हें फिल्में देखना ज्यादा पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, "बचपन से ही मेरा झुकाव फिल्मों के बजाय पढ़ने की तरफ ज्यादा रहा है। मैं शुरू से ही एक पाठक (Reader) रहा हूं।" आमिर ने स्वीकार किया कि वह आज भी बहुत कम फिल्में देखते हैं और उन्हें हॉलीवुड या लेटेस्ट सिनेमा की खबरों की ज्यादा जानकारी नहीं रहती।

सख्त और रूढ़िवादी माहौल में बीता बचपन


अपनी परवरिश को याद करते हुए आमिर ने बताया, "मैं एक बहुत ही रूढ़िवादी (Conservative) परिवार में पला-बढ़ा हूं। मेरे माता-पिता फिल्में देखने को लेकर बहुत सख्त थे। हमें आसानी से फिल्में देखने की अनुमति नहीं मिलती थी। मुझे याद है, अगर मैं अपनी मां से फिल्म देखने की जिद करता, तो वह मान तो जाती थीं, लेकिन रोमांटिक फिल्मों पर सख्त पाबंदी थी।"

आमिर ने बताया कि बचपन में उन्होंने केवल दूरदर्शन पर आने वाली ब्लैक एंड व्हाइट फिल्में या क्षेत्रीय सिनेमा ही देखा। वह अशोक कुमार और दिलीप कुमार जैसे पुराने दिग्गजों के काम के प्रशंसक रहे हैं।

"मैं फिल्में बनाता हूं, देखता नहीं"

फिल्मी दुनिया में अपने सफर को लेकर आमिर ने मजाक में एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "कुछ लोग फुटबॉल खेलते हैं और कुछ लोग उसे देखते हैं। मैं फिल्में बनाता हूं, लेकिन उन्हें देखता बहुत कम हूं। मैं अपनी ही दुनिया में रहता हूं।" आमिर ने 18 साल की उम्र से ही बतौर असिस्टेंट काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन सिनेमा देखने के प्रति उनकी बेरुखी आज भी कायम है।

आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स

भले ही आमिर फिल्में न देखते हों, लेकिन वह बेहतरीन फिल्में बनाने में व्यस्त हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस के तहत जल्द ही ये फिल्में रिलीज होने वाली हैं:

 एक दिन (Ek Din): सुनील पांडे द्वारा निर्देशित इस फिल्म से आमिर के बेटे जुनैद खान और अभिनेत्री साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह 1 मई को रिलीज होगी।

लाहौर 1947 (Lahore 1947): राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 13 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

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