Shatrughan Sinha को किस बात का है मलाल? दिग्गज फिल्ममेकर सत्यजीत रे की जयंती पर साझा किया एक भावुक नोट

Shatrughan Sinha: शत्रुघ्न सिन्हा ने महान फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए गहरा अफसोस जताया है कि उन्हें अपने करियर में इस 'सर्वश्रेष्ठ' निर्देशक के साथ काम करने का अवसर कभी नहीं मिला।

अपडेटेड May 02, 2026 पर 10:40 PM
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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी बेबाकी और दमदार आवाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई बड़े निर्देशकों के साथ काम किया, लेकिन उनके दिल में एक ऐसी कसक आज भी बाकी है जिसे वह कभी नहीं भूल पाते। महान फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की जयंती के अवसर पर, 'शॉटगन' सिन्हा ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपनी इस अधूरी हसरत को बयां किया है।

"सबसे बेहतरीन फिल्ममेकर के साथ काम न करने का दुख"

सत्यजीत रे को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें हमेशा इस बात का गहरा अफसोस रहेगा कि वह दुनिया के सबसे बेहतरीन फिल्म निर्माताओं में से एक, सत्यजीत रे के साथ कभी काम नहीं कर सके। उन्होंने 'रे' को श्रद्धांजलि देते हुए कहा: "मुझे इस बात का हमेशा बड़ा और गहरा मलाल रहेगा कि मैं अब तक के 'सर्वश्रेष्ठ' फिल्म निर्माता, एकमात्र भारतीय व्यक्तित्व जिन्हें 'भारत रत्न' और ऑस्कर दोनों से सम्मानित किया गया था, महान सत्यजीत रे के साथ काम नहीं कर सका।" सिन्हा ने आगे लिखा कि वह उनकी जयंती पर उन्हें अत्यंत सम्मान के साथ याद करते हैं और उनके लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने अपने पोस्ट का अंत "लॉन्ग लिव सत्यजीत रे!" के साथ किया।


गजराज राव ने भी दी श्रद्धांजलि

सिर्फ शत्रुघ्न सिन्हा ही नहीं, बल्कि 'बधाई हो' फेम अभिनेता गजराज राव ने भी इस महान निर्देशक को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह सत्यजीत रे के सिनेमा ने दुनिया भर के लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। गजराज ने खुद को भाग्यशाली बताया कि उन्हें सत्यजीत रे द्वारा लिखित कहानी "बारिन भौमिक-एर बयारम" पर आधारित नेटफ्लिक्स फिल्म में अभिनय करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सिनेमा प्रेमी और छात्र हमेशा रे बाबू के ऋणी रहेंगे।

भारतीय सिनेमा का वैश्विक चेहरा: सत्यजीत रे

सत्यजीत रे ने 1955 में फिल्म 'पथेर पांचाली' से अपने निर्देशन की शुरुआत की थी, जिसने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्हें कान्स फिल्म फेस्टिवल समेत दुनिया के प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मान मिला।

शत्रुघ्न सिन्हा का यह भावुक नोट दर्शाता है कि एक सफल करियर के बावजूद, एक कलाकार के मन में हमेशा सीखने और महान निर्देशकों के साथ काम करने की भूख बनी रहती है। सत्यजीत रे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत आज भी शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गजों और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है।

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