Pankaj Kapur: पंकज कपूर ने फिल्म 'मौसम' के बाद क्यों छोड़ा निर्देशन? बोले- 'दरवाजा-दरवाजा घूमकर फंडिंग नहीं मांग सकता'

Pankaj Kapur: वरिष्ठ अभिनेता और निर्देशक पंकज कपूर ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने 2011 में बेटे शाहिद कपूर के साथ बनी फिल्म ‘मौसम’ के बाद फिर से निर्देशन क्यों नहीं किया। उनका कहना है कि वे दर-दर जाकर पैसों की मांग नहीं कर सकते और यही वजह है कि उन्होंने अब तक अपनी लिखी स्क्रिप्ट्स को पर्दे पर नहीं उतारा।

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 11:00 AM
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पंकज कपूर ने शाहिद कपूर की फिल्म 'मौसम' (2011) के बाद से कोई निर्देशन प्रोजेक्ट नहीं लिया। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि आर्थिक चुनौतियों और फंडिंग के लिए दर-दरवाजा घूमने की मजबूरी ने उन्हें अभिनय की राह पर लौटा दिया। दिग्गज एक्टर का ये बयान सिनेमा की कठिन हकीकत को उजागर करता है।

'मौसम' की असफलता ने बदला फैसला

पंकज ने सिर्फ एक फिल्म लिखी-निर्देशित की 'मौसम', जिसमें बेटे शाहिद और सोनम कपूर मुख्य भूमिका में थे। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई ये रोमांटिक ड्रामा पंजाब-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी थी। पंकज बोले, "मेरे पास और स्क्रिप्ट्स हैं, लेकिन मैं उन्हें बेचने दरवाजे-दरवाजे नहीं जा सकता। मेरा स्वभाव एक्टिंग का ज्यादा है।" निर्देशन का जुनून बरकरार है, लेकिन फाइनेंसरों के पीछे भागना उनकी फितरत में नहीं।

फंडिंग की कड़वी सच्चाई


इंडस्ट्री में फंडिंग जुटाना निर्देशकों के लिए सबसे बड़ा संघर्ष। पंकज ने कहा, "अगर कोई खुद आकर कहे—तुम्हारी कहानी सुनाओ, तो मैं तैयार हूं। लेकिन खुद फंडिंग के लिए भटकना? ये मेरे बस की नहीं।" 'मौसम' के बाद उन्होंने तय किया कि एक्टिंग पर फोकस करेंगे, जहां स्थिरता मिलती है। रिजेंट 'IC 814: कंधार हाईजैक' जैसी सीरीज से उनकी एक्टिंग फिर सुर्खियों में है।

करियर की जद्दोजहद की यादें

पंकज का सफर आसान नहीं रहा। NSD से निकलकर 'गांधी' में ब्रेक मिला, लेकिन आर्थिक तंगी ने टीवी की ओर धकेला। 'करमचंद' और 'ऑफिस-ऑफिस' ने पहचान दी, जब फिल्में पैसे नहीं दे पाईं। उन्होंने बताया, "फिल्मों में काम मिलता था, लेकिन सर्वाइवल के लिए टीवी जरूरी था।" नसीरुद्दीन शाह के मना करने पर 'अब्बा जी' रोल मिला, जिससे नेशनल अवॉर्ड जीता। ये संघर्ष उन्हें मजबूत बनाते गए।

भविष्य में निर्देशन की उम्मीद

पंकज ने दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया। "सही मौका मिला तो निर्देशन करूंगा," उन्होंने कहा। शाहिद से लेकर संजू कपूर तक, फैमिली को सपोर्ट करते हुए वे खुद को रियलिस्टिक रखते हैं। उनका मानना है कि अच्छी कहानी खुद रास्ता बना लेती है। सिनेमा के इस दिग्गज का अनुभव नई पीढ़ी को सिखाता है जुनून के साथ धैर्य जरूरी है।

हाल ही में पंकज कपूर Zee5 की फिल्म ‘जब खुली किताब’ में डिंपल कपाड़िया के साथ नज़र आए। उन्होंने कहा कि अगर सही प्रोड्यूसर और कास्टिंग मिले तो वे निर्देशन के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि इंडस्ट्री को स्टार-कल्चर से हटकर असली टैलेंट और सही किरदारों पर ध्यान देना चाहिए।

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