पिछले काफी समय से बॉलीवुड के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ दिया है। फैंस इस खबर से काफी हैरान थे क्योंकि रणवीर को 'डॉन' के प्रतिष्ठित किरदार में देखना एक बड़ा रोमांच होने वाला था। पहले खबरें आईं कि 'क्रिएटिव डिफरेंस' की वजह से रणवीर इस प्रोजेक्ट से अलग हुए, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने इस विवाद की असली वजह से पर्दा उठा दिया है।
फिल्म के 'डीएनए' को बदलना चाहते थे रणवीर सिंह
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह चाहते थे कि 'डॉन 3' का स्तर आजकल की सफल हिंसक फिल्मों (जैसे 'एनिमल') की तरह हो। वे फिल्म में 'कड़ी भाषा' और वॉयलेंस का मिक्सचर चाहते थे। रणवीर का मानना था कि आज के दर्शक इस तरह के डार्क और रॉ कंटेंट को पसंद कर रहे हैं, इसलिए 'डॉन' के किरदार को भी आधुनिक सिनेमा के हिसाब से बदलना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक फरहान अख्तर रणवीर के इस सुझाव से बिल्कुल सहमत नहीं थे। फरहान का तर्क बहुत स्पष्ट था—'डॉन' की अपनी एक गरिमा और विरासत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे अमिताभ बच्चन की 'डॉन' रही हो या शाहरुख खान की, इस फ्रेंचाइजी ने कभी भी अपनी कहानी कहने के लिए अभद्र भाषा या जरूरत से ज्यादा हिंसा का सहारा नहीं लिया।
फरहान अख्तर अपनी मूल स्क्रिप्ट और फिल्म के मिजाज को बदलने के लिए तैयार नहीं थे। वे एक ऐसी फिल्म बनाना चाहते थे जो 'डॉन' के पुराने आकर्षण को बरकरार रखे, न कि सिर्फ ट्रेंड के पीछे भागे। इसी वैचारिक मतभेद के कारण दोनों के बीच बात नहीं बन पाई।
नुकसान की भरपाई और 'डॉन 3' का भविष्य
रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने के बाद खबर यह भी है कि प्रोडक्शन हाउस 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' ने रणवीर से प्री-प्रोडक्शन और शेड्यूलिंग में हुए नुकसान के लिए हर्जाने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि रणवीर ने इस नुकसान का कुछ हिस्सा लौटाने पर सहमति भी जताई है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में फरहान अख्तर ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, "मैंने सीखा है कि हमेशा अप्रत्याशित की उम्मीद रखनी चाहिए। जब तक फिल्म कैमरे में कैद न हो जाए, तब तक किसी भी चीज को पक्का नहीं माना जा सकता।"