महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर इलाके में फिर से बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी ज्यादातर पक्षियों में फैलती है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। खासकर पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के संपर्क में रहने वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन साफ-सफाई और सावधानी रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो मुर्गियों, बत्तखों और जंगली पक्षियों को प्रभावित करता है। H5N1 जैसे कुछ खतरनाक स्ट्रेन इंसानों तक भी पहुंच सकते हैं।
इंसानों में कैसे फैलता है संक्रमण?
डॉक्टरों के अनुसार संक्रमित पक्षियों, उनके मल, पंख, लार या दूषित जगहों के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकते हैं। पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोग, डॉक्टर, ट्रांसपोर्ट कर्मचारी और संक्रमित पक्षियों को हटाने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
वायरस आंख, नाक या मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। संक्रमित धूल या हवा के संपर्क से भी खतरा बढ़ सकता है।
इंसानों में दिख सकते हैं ये लक्षण
शुरुआत में बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे लग सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर दर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं।
लेकिन कई बार स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। गंभीर मामलों में निमोनिया, फेफड़ों में सूजन और ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मरीजों को वेंटिलेटर तक की जरूरत पड़ सकती है।
वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता वायरस का तेजी से बदलना यानी म्यूटेशन है। फिलहाल यह इंसानों से इंसानों में आसानी से नहीं फैलता, लेकिन अगर वायरस में बदलाव हुआ तो भविष्य में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि शुरुआती समय में इलाज शुरू करने पर एंटीवायरल दवाएं असरदार साबित हो सकती हैं। अगर लक्षण दिखने के 48 घंटे के भीतर इलाज शुरू हो जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
चिकन और अंडे खाना सुरक्षित है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडा खाना सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि तेज तापमान पर वायरस खत्म हो जाता है। अधपका या कच्चा मांस खाने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।