गर्मी में शरीर दे रहा है ये संकेत? डायबिटीज मरीज तुरंत हो जाएं अलर्ट

Heatwave Alert for Diabetics: गर्मी बढ़ते ही लाइफस्टाइल और सेहत दोनों पर असर दिखने लगता है। खासकर डायबिटीज मरीजों के लिए यह मौसम ज्यादा सावधानी मांगता है। तेज धूप, पानी की कमी और गलत खानपान ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में रोजमर्रा की छोटी आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि शरीर स्वस्थ और एक्टिव बना रहे

अपडेटेड May 13, 2026 पर 8:56 AM
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Heatwave Alert for Diabetics: गर्मी इंसुलिन और डायबिटीज की दवाइयों को भी प्रभावित कर सकती है।

गर्मी का मौसम आते ही लोगों की लाइफस्टाइल पूरी तरह बदलने लगती है। खानपान से लेकर सोने-जागने की आदतों तक हर चीज पर इसका असर दिखाई देता है। चिलचिलाती धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम शरीर को जल्दी थका देता है। ऐसे में डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए ये समय थोड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन सकता है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी लापरवाहियां भी सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में शरीर को ज्यादा देखभाल और संतुलित रूटीन की जरूरत होती है।

पानी कम पीना, लंबे समय तक धूप में रहना या अनहेल्दी ड्रिंक्स का सेवन ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि इस मौसम में सही लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि शरीर भी स्वस्थ रहे और दिनभर ऊर्जा भी बनी रहे।

गर्मी में शरीर क्यों नहीं कर पाता सही तरीके से काम?


सामान्य तौर पर हमारा शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखता है। लेकिन डायबिटीज मरीजों में कई बार शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में शरीर सही मात्रा में पसीना नहीं निकाल पाता और अंदर की गर्मी बढ़ने लगती है।

इस वजह से डिहाइड्रेशन, थकावट, चक्कर और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में मरीजों को अस्पताल तक में भर्ती कराना पड़ सकता है।

ब्लड शुगर पर कैसे असर डालती है तेज गर्मी?

गर्मी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं बल्कि ब्लड शुगर लेवल पर भी पड़ता है। जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है, तब खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ सकती है। इससे हाई ब्लड शुगर यानी हाइपरग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं कई बार गर्मी इंसुलिन के असर को बदल देती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक कम भी हो सकता है। यही कारण है कि गर्मियों में शुगर लेवल कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम होने लगता है।

डिहाइड्रेशन क्यों है सबसे बड़ा खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक गर्मियों में डायबिटीज मरीजों के लिए डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। शरीर में पानी कम होने से कमजोरी, मुंह सूखना, सिर दर्द और दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये स्थिति हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक में बदल सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।

इंसुलिन और दवाइयों पर भी पड़ता है असर

बहुत कम लोग जानते हैं कि ज्यादा गर्मी इंसुलिन और डायबिटीज की दवाइयों को भी प्रभावित कर सकती है। अगर इंसुलिन को ज्यादा गर्म जगह पर रखा जाए तो उसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल बिगड़ सकता है।

इसलिए इंसुलिन को हमेशा ठंडी जगह पर रखें, लेकिन उसे फ्रीज में जमा कर न रखें। बाहर जाते समय इंसुलेटेड बैग का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर गर्मी के दौरान ये संकेत दिखाई दें तो तुरंत सावधान हो जाएं—

  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • मुंह सूखना
  • चक्कर आना
  • कमजोरी महसूस होना
  • तेज धड़कन
  • सिर दर्द या उल्टी जैसा महसूस होना
  • ज्यादा थकान या भ्रम की स्थिति

ये सभी हीट स्ट्रोक या ब्लड शुगर बिगड़ने के संकेत हो सकते हैं।

गर्मी में डायबिटीज मरीज कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

खूब पानी पिएं

दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें।

मीठे ड्रिंक्स से दूरी बनाएं

कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा शुगर वाले जूस नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसकी जगह बिना चीनी वाला नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लें।

हल्का और हेल्दी खाना खाएं

फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर चीजें खाने से शरीर हाइड्रेट रहता है और शुगर भी कंट्रोल में रहती है।

दोपहर की तेज धूप से बचें

12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इसी समय गर्मी सबसे ज्यादा होती है।

ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें

हल्के रंग और कॉटन के कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

ब्लड शुगर नियमित जांचें

गर्मियों में ब्लड शुगर तेजी से बदल सकता है, इसलिए इसकी जांच पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

हीटवेव सिर्फ असहज करने वाली स्थिति नहीं है, बल्कि ये डायबिटीज मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी, समय पर दवा और थोड़ी सावधानी से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बढ़ती गर्मी में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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