आपने एक बात जरूर गौर की होगी। आपके आसपास के लोगों का अचानक बीमार पड़ना। अगर आपके ऑफिस में कोई साथी ऐसा है जिसकी खांसी ठीक नहीं हो रही या घर में बच्चे को अचानक पेट में दर्द और बुखार हो गया है, तो आप अकेले नहीं हैं। अभी बुखार, खांसी, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं बड़े पैमाने पर पैर पसार रही हैं। एक्सपर्ट डॉक्टर्स के मुताबिक यह कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि कई ऐसी वजहों से हो रही हैं है जो हमारे शरीर पर एक साथ प्रहार कर रहे हैं।
लोग अचानक बीमार क्यों पड़ रहे हैं?
हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की रिपोर्ट में मैक्स हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के सीनियर डायरेक्टर डॉ. शैलेश सहाय के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से मौसम में हो रहे बदलाव और लोगों की अपनी आदतें हैं। उन्होंने बताया कि टेंप्रेचर में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) इसके मुख्य कारण हैं। गर्मियों के महीनों में खान-पान की गलत आदतों से फूड-बोर्न बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, स्वच्छता की कमी और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से अक्सर पूरा परिवार एक साथ बीमार पड़ जाता है।
इम्यूनिटी में गिरावट और प्रदूषण का असर
जब मौसम बदलता है, तो हमारा शरीर खुद को ढालने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अस्थायी रूप से कम हो जाती है। डॉ. सहाय के मुताबिक, शुष्क हवा और धूल के कण बढ़ने से खांसी, एलर्जी और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। हवा में बढ़ता प्रदूषण और परागकण (Pollen) गले की परत को संवेदनशील बना देते हैं, जिससे वायरस और बैक्टीरिया का हमला आसान हो जाता है।
अस्थमा के मरीज सावधान: जिन लोगों को पहले से अस्थमा या साइनस की समस्या है, उनके लिए यह समय अधिक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उनका श्वसन तंत्र इस बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील होता है। इस बार जो लक्षण दिख रहे हैं, वे शरीर की एक साथ कई चुनौतियों से लड़ने की प्रतिक्रिया हैं। गर्मी, बदलता तापमान और एलर्जी पैदा करने वाले तत्व एक साथ सिस्टम पर दबाव डाल रहे हैं, यही वजह है कि बुखार के साथ-साथ पेट की खराबी और थकान जैसे लक्षण भी नजर आ रहे हैं।
बचाव के लिए क्या करें? (डॉक्टर की सलाह)
आप मौसम को नहीं बदल सकते, लेकिन खुद को सुरक्षित जरूर रख सकते हैं:
हाइड्रेटेड रहें: बढ़ते तापमान में पानी की कमी न होने दें। भरपूर पानी और तरल पदार्थ लें।
साफ खानपान: गर्मी के संपर्क में आए या खुले में रखे भोजन से बचें। हाथ धोने की आदत (Hand Hygiene) बरकरार रखें।
धूल से बचाव: घर के अंदर वेंटिलेशन सही रखें और अत्यधिक धूल या प्रदूषण वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षणों को न परखें: अगर बुखार या खांसी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे 'मामूली फ्लू' मानकर घर पर इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।