आयुर्वेद के अनुसार शरीर में होने वाली ज्यादातर बीमारियों की जड़ वात, पित्त और कफ का असंतुलन माना जाता है। यदि ये तीनों दोष संतुलित रहें तो शरीर स्वस्थ रहता है, जबकि इनके बिगड़ने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो सकती हैं। स्वामी रामदेव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ आसान घरेलू उपाय बताए हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जीवनशैली में अपनाया जा सकता है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी या लंबे समय तक रहने वाली समस्या में डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
तीनों दोषों के लिए अनार का आसान उपाय
स्वामी रामदेव के अनुसार, अनार में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करना वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है। यह पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को पोषण देने में भी सहायक माना जाता है।
यदि कफ बढ़ गया हो तो सुबह खाली पेट भुना हुआ चना, किशमिश, काली किशमिश या मुनक्का खाने की सलाह दी गई है।
दूध का सेवन कम करने की बात भी कही गई है। यदि दूध पीना हो तो उसमें हल्दी, अदरक, शिलाजीत, अश्वगंधा और सोंठ डालकर अच्छी तरह उबाल लें। स्वाद के लिए इसमें खजूर या मुनक्का मिलाया जा सकता है। आयुर्वेद में इसे कफ को संतुलित रखने वाला उपयोगी पेय माना जाता है।
वात दोष के लिए घरेलू नुस्खे
वात दोष को संतुलित करने के लिए हल्दी, मेथी और सोंठ का पाउडर उपयोगी माना गया है। इसके अलावा एलोवेरा, गिलोय का रस और अंकुरित मेथी भी लाभकारी बताए गए हैं।
स्वामी रामदेव के अनुसार, कच्ची हल्दी को गाय के घी में हल्का भूनकर उसका सेवन किया जा सकता है। इसमें चाहें तो लहसुन और अदरक भी मिलाया जा सकता है। इसे वात संबंधी समस्याओं में सहायक माना जाता है।
पित्त बढ़ने पर लौकी का जूस सबसे अच्छे घरेलू उपायों में से एक माना गया है। इसके अलावा एलोवेरा, व्हीटग्रास (गेहूं के ज्वारे), लौकी, पेठा, बेल, पीपल के पत्ते, दूब घास, नीम और कटु रस वाली चीजें भी पित्त को शांत करने में उपयोगी मानी जाती हैं।
इनमें से कई औषधीय पौधों को धूप या गर्मियों में छांव में सुखाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्वस्थ रहने के लिए क्या रखें ध्यान?
आयुर्वेद में केवल घरेलू नुस्खों पर ही नहीं, बल्कि संतुलित दिनचर्या पर भी जोर दिया गया है। नियमित योग, प्राणायाम, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी बनाए रखने से वात, पित्त और कफ को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है। यही आदतें लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में भी सहायक मानी जाती हैं.
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।