भागदौड़ भरी जिंदगी और 'इंस्टेंट' फूड के इस दौर में हम अपनी सबसे कीमती संपत्ति सेहत को दांव पर लगा रहे हैं। विश्व लिवर दिवस के अवसर पर, SGPGI लखनऊ के निदेशक और प्रख्यात हेपेटोलॉजिस्ट प्रो. (डॉ.) आर. के. धीमन ने लिवर की बीमारियों के बढ़ते खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लिवर फेलियर का सबसे बड़ा कारण अब शराब नहीं, बल्कि हमारी खराब जीवनशैली बनती जा रही है।
फैटी लिवर: एक उभरता हुआ खतरा
डॉ. धीमन के अनुसार, लिवर फेलियर के तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं: शराब का सेवन, वायरल हेपेटाइटिस और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD)। हालांकि, हाल के वर्षों में एक चौंकाने वाला बदलाव देखा गया है। अब फैटी लिवर बीमारी सबसे प्रमुख कारण बनकर उभर रही है। यह बीमारी किसी वायरस या बाहरी संक्रमण से नहीं, बल्कि पूरी तरह से हमारी खराब आदतों और जीवनशैली से जुड़ी हुई है।
डॉ. धीमन ने आज की युवा पीढ़ी और कामकाजी लोगों में बढ़ते 'फूड डिलीवरी कल्चर' पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोग घर के बने पौष्टिक खाने को छोड़कर ऑनलाइन ऐप से खाना मंगाने पर निर्भर हो गए हैं। विशेष रूप से देर रात को भारी और कैलोरी से भरपूर भोजन ऑर्डर करना लिवर के लिए "जहर" के समान है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लिवर को स्वस्थ रखने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका घर का बना सादा खाना है। बाहर के खाने में अत्यधिक तेल, नमक और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देते हैं।
स्वस्थ लिवर के लिए डॉ. धीमन के 'गोल्डन रूल्स'
डॉ. धीमन ने लिवर को लंबे समय तक सेहतमंद रखने के लिए कुछ अनिवार्य सुझाव साझा किए हैं:
* नियमित व्यायाम: उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा व्यायाम जरूर करना चाहिए। शारीरिक सक्रियता लिवर में जमा अतिरिक्त वसा को घटाने में मदद करती है।
* वजन पर नियंत्रण: शरीर का आदर्श वजन बनाए रखना फैटी लिवर से बचने की पहली सीढ़ी है।
* मधुमेह का प्रबंधन: यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो इसे सख्ती से नियंत्रित करना आवश्यक है, क्योंकि मधुमेह का लिवर के स्वास्थ्य से सीधा संबंध है।
* व्यसनों से दूरी: शराब का सेवन लिवर को सीधे तौर पर नष्ट करता है, इसलिए इससे पूरी तरह परहेज करना ही समझदारी है।
डॉ. आर.के. धीमन का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि चिकित्सा तकनीक कितनी भी आगे क्यों न बढ़ जाए, 'बचाव ही इलाज से बेहतर है'। हमारे लिवर की सेहत सीधे तौर पर हमारी रसोई और हमारे द्वारा की जाने वाली शारीरिक मेहनत से जुड़ी है। अगर हम आज अपनी आदतों में सुधार नहीं करते, तो कल की तस्वीरें और भी डरावनी हो सकती हैं।