COVID-19 vaccine पर ब्लैक बॉक्स चेतावनी लगा सकता है अमेरिकी एफडीए, वैक्सीन के दुर्लभ साइड इफेक्ट से चिंतित वैज्ञानिक

COVID-19 vaccine पर अमेरिकी दवा नियामक सबसे गंभीर ब्लैक बॉक्स वॉर्निंग लगाने पर विचार कर रहा है। कोविड के टीके के दुर्लभ साइड इफेक्ट उजागर होने से दुनियाभर के वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है। आइए जानें क्या है ये चेतावनी और कोविड वैक्सीन के कौन से दुर्लभ साइड इफेक्ट क्या हैं

अपडेटेड Dec 13, 2025 पर 4:52 PM
इसकी सबसे सख्त चेतावनी है जो किसी दवा के पैकेट और डॉक्टर के पर्चे पर सबसे ऊपर लिखी जाती है।

COVID-19 vaccine 2020 में पूरी दुनिया को लॉकडाउन की भयावह स्थिति में धकेलने वाली बीमारी की जब वैक्सीन ईजाद हुई, तो हर तरफ राहत की सांस ली गई। लोगों ने इसे लगवाने में भी देरी नहीं की। अब इस टीके को लेकर वैज्ञानिकों ने जो खुलासा किया है, उससे हड़कंप मच गया है। इतना ही में अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (US FDA) इस टीके पर ‘ब्लैक बॉक्स वॉर्निंग’ लगाने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी मीडिया संस्थान सीएनएन ने डॉक्टर विनय प्रसाद के हवाले से ये खबर दी है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी दवा नियामक कोविड-19 वैक्सीन में ‘ब्लैक बॉक्स’ चेतावनी जोड़ने की तैयारी कर रहा है। यह इसकी सबसे सख्त चेतावनी है जो किसी दवा के पैकेट और डॉक्टर के पर्चे पर सबसे ऊपर लिखी जाती है। यह दवा के जानलेवा साइड इफेक्ट को उजागर करती है। हालांकि इस मामले में अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

क्या होती है ब्लैक बॉक्स वॉर्निंग?

ब्लैक बॉक्स वार्निंग एफडीए की सख्त चेतावनी होती है। इसमें ये बताया जाता है कि दवा से बहुत कम लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है। ये जोखिम जानलेवा रिएक्शन जैसे भी हो सकते हैं। ऐसी चेतावनी ओपिओइड दर्दनिवारक या एक्यूटेन जैसी दवाओं पर पहले से लगाई जाती हैं। गंभीर साइड इफेक्ट में जानलेवा या विकलांग करने वाली प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। इनका मूल्यांकन इलाज के फायदों के मुकाबले किया जाना चाहिए।

डॉ विनय के नेतृत्व में तैयार हो रही योजना

सीएनएन की एक रिपोर्ट की मानें, दवा नियामक डॉ. विनय प्रसाद के नेतृत्व में कोविड-19 वैक्सीन के लिए इसी तरह की चेतावनियों की योजना बना रहा है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि चेतावनी केवल mRNA वैक्सीन को कवर करेगी या सभी कोविड-19 शॉट्स को, या कौन से आयु वर्ग प्रभावित होंगे। एफडीए द्वारा अप्रूव्ड तीन कोविड वैक्सीन में से दो - फाइजर और मॉडर्ना - mRNA टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं।


हृदय की सूजन के मामले सामने आने के बाद चेतावनी पर विचार

सीएनएन की रिपोर्ट की मानें तो कुछ विशेषज्ञों ने युवाओं में होने वाली मायोकार्डिटिस यानी हृदय की सूजन पर चिंता जाहिर की है। इसके बाद एफडीए चेतावनी पर मंथन रही है। फिलहाल अभी चर्चा हो रही है, अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अभी ये भी स्पष्ट नहीं है कि चेतावनी में क्या लिखा जाएगा। इसके साथ ही अभी तक ये भी तय नहीं हुआ है कि चेतावनी सिर्फ mRNA वैक्सीन ‘फाइजर और मॉडर्ना‘ पर जारी की जाएगी या सभी कोविड-19 वैक्सीन पर रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जब तक एफडीए खुद ऐलान नहीं करता, तब तक ये महज अटकलें हैं।

फाइजर और मॉडर्ना नहीं मान रहे समस्या

फाइजर और मॉडर्ना का कहना है कि उनके टीके पर पूरी दुनिया में मॉनिटरिंग हुई है। भारी संख्या में लोग इसे लगवा चुके हैं। अभी तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कोई नई समस्या नहीं देखी गई है।

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