Yoga for Bones: रोज 15 मिनट का योग, हड्डियां बनेंगी लोहे जैसी सख्त, जोड़ों का दर्द भी होगा गायब
Yoga for Bones: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन रोजाना कुछ आसान योगासन करने से हड्डियां फिर से मजबूत हो सकती हैं। ये आसन न सिर्फ हड्डियों को ताकत देते हैं बल्कि शरीर को बैलेंस और दिमाग को शांति भी प्रदान करते हैं
MoneyControl News
अपडेटेड Sep 24, 2025 पर 1:02 PM
Yoga for Bones: यह आसन शरीर की मजबूती के साथ-साथ आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों की ताकत और घनत्व कम होने लगते हैं। 20 साल की उम्र में हड्डियां अपनी पूरी स्ट्रेंथ पर होती हैं, लेकिन धीरे-धीरे उनका डेंसिटी कम होने लगता है। इसका नतीजा ये होता है कि उम्र बढ़ने पर हड्डियां कमजोर होकर टूटने या फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ा देती हैं। ऐसे में योग एक बेहतरीन और नेचुरल तरीका है जिससे हड्डियों की मजबूती को लंबे समय तक बरकरार रखा जा सकता है। आइए जानें कुछ ऐसे योगासन जो हड्डियों को लोहे जैसी मज़बूत बनाने में मदद करते हैं।
वृक्षासन
वृक्षासन सिर्फ शरीर का बैलेंस नहीं सुधारता, बल्कि जांघ, पिंडली, टखनों और रीढ़ को मजबूत बनाता है।
कैसे करें –
सीधे ताड़ासन में खड़े हों।
दाएं पैर को मोड़कर बाईं जांघ पर टिकाएं।
दोनों हाथों को ऊपर उठाकर नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें।
30-60 सेकेंड तक पोजीशन में रहें और फिर दूसरे पैर से दोहराएं
सेतुबंधासन
इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी, जांघ और कूल्हों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
कैसे करें –
पीठ के बल लेट जाएं।
घुटनों को मोड़ें और पंजों पर दबाव डालते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं।
शरीर को सीध में रखें और हाथों को जोड़ लें।
5-10 सेकेंड रुकें और इसे 3 बार दोहराएं।
त्रिकोणासन
ये आसन न केवल हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि पीठ, गर्दन और कमर के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
कैसे करें –
पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर फैलाकर खड़े हों।
दाहिना पैर 90 डिग्री बाहर और बायां पैर 15 डिग्री पर रखें।
शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें, बायां हाथ ऊपर उठाएं और दाहिने हाथ से जमीन को छुएं।
30 सेकेंड रुकें और फिर बाईं ओर यही प्रक्रिया दोहराएं।
हस्तपादासन
ये आसन हड्डियों के साथ-साथ दिमाग को भी रिलैक्स करता है और तनाव को कम करता है।
कैसे करें –
सीधे खड़े हों और हाथों को हिप्स पर रखें।
सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें और हाथों को पैर के पास जमीन पर टिकाने की कोशिश करें।
15-30 सेकेंड तक इसी पोजीशन में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
वीरभद्रासन-2
कैसे करें –
पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर फैलाकर खड़े हों।
बाएं पैर को 45 डिग्री अंदर और दाहिने को 90 डिग्री बाहर रखें।
दाहिने घुटने को मोड़ें और दाहिने हाथ की दिशा में देखें।
30 सेकेंड रुकें और फिर दूसरी ओर दोहराएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।