Weight loss: वजन घटाने की चाह में कर रहे हैं ये काम? तो बढ़ेगा वजन दोगुना, जानिए कैसे

Weight loss: वेट लॉस के दौरान लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो उनके रिजल्ट को प्रभावित करती हैं। जैसे, भूखा रहना, प्रोटीन की कमी, सिर्फ कार्डियो पर निर्भर रहना, डाइट में फाइबर की कमी, पर्याप्त पानी न पीना और नींद पूरी न लेना। आइए जानते हैं इन आदतों को कैसे सुधारा जा सकता है

अपडेटेड Oct 23, 2025 पर 10:01 AM
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Weight loss: वर्कआउट के बाद जरूरत से ज्यादा खाना कैलोरी बैलेंस बिगाड़ देता है।

वजन घटाना सिर्फ कम खाना खाने या भूखा रहने तक सीमित नहीं है। बहुत से लोग बिना सही जानकारी या जल्दी रिजल्ट पाने की इच्छा में गलत आदतें अपना लेते हैं, जैसे क्रैश डाइटिंग, अनियमित भोजन या जरूरी पोषण की कमी। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन कम होने की बजाय बढ़ने लगता है। इसके अलावा, जल्दबाजी में अक्सर लोग फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट की मात्रा नजरअंदाज कर देते हैं, जो मसल्स को बनाए रखने और फैट बर्न करने में मदद करती हैं।

नींद की कमी, पानी कम पीना और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन भी वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इसलिए वजन घटाने के लिए सही रणनीति, संतुलित डाइट और नियमित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और वजन स्थायी रूप से कम हो सके।

भूखा रहना और क्रैश डाइटिंग


बहुत कम कैलोरी लेने से शरीर की फैट बर्निंग प्रक्रिया रुक जाती है। इसलिए भूखे रहने की बजाय संतुलित डाइट अपनाएं, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल हों। इससे भूख कंट्रोल में रहती है और वजन धीरे-धीरे घटता है।

प्रोटीन की कमी

प्रोटीन की कमी से मसल्स कम होते हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है। डाइट में अंडा, दाल, पनीर और मेवे शामिल करें, ताकि मसल्स सुरक्षित रहें और कैलोरी बर्निंग बेहतर हो।

फाइबर की कमी

फाइबर कम होने पर जल्दी भूख लगती है और ओवरईटिंग का खतरा बढ़ जाता है। सब्जियां, ओट्स और होल ग्रेन को डाइट में शामिल करें। इससे पेट भरा रहता है और वजन नियंत्रित रहता है।

नींद की कमी

नींद कम होने से भूख बढ़ाने वाला हॉर्मोन घ्रेलिन ज्यादा बनता है। इसका असर ये होता है कि आप जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। 

चीनी और प्रोसेस्ड फूड

मीठा और प्रोसेस्ड फूड मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है। इसकी जगह नेचुरल शुगर जैसे फल खाएं और प्रोसेस्ड फूड से बचें।

पानी कम पीना

डिहाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और वजन कम करने में बाधा आती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।

स्नैक्स की कैलोरी को नजरअंदाज न करें

लो-कैलोरी हेल्दी स्नैक्स भी सही मात्रा में ही लें। ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स वजन घटाने की जगह वजन बढ़ा सकते हैं।

लंबे समय तक एक ही रूटीन

एक ही डाइट और वर्कआउट लंबे समय तक करने से शरीर एडजस्ट हो जाता है और वजन घटना रुक सकता है। हर 4-6 हफ्ते में प्लान बदलें।

एक्सरसाइज के बाद ज्यादा खाना

वर्कआउट के बाद जरूरत से ज्यादा खाना कैलोरी बैलेंस बिगाड़ देता है। हल्का और प्रोटीन युक्त पोस्ट-वर्कआउट स्नैक लें ताकि वजन नियंत्रित रहे।

डिस्क्लेमरः यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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