क्या जवानी में ही सफेद हो रहे हैं आपके बाल? आयुर्वेद डॉक्टर ने बताया कि किचन की कौन सी चीजें हैं बालों की दुश्मन

आयुर्वेद में समय से पहले बालों के सफेद होने को 'अकाल पल्यता' कहा जाता है। आयुर्वेद डॉक्टर के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से शरीर में पित्त दोष के बढ़ने के कारण होती है।

अपडेटेड Apr 27, 2026 पर 5:45 PM
आज के समय में हर उम्र में बालों का सफेद होना आम बात हो गई है। धूल,प्रदूषण,केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट और तनाव के कारण बालों की नैचुरल सुंदरता खत्म होती जा रही है।

आज के दौर में कम उम्र में ही बालों का सफेद होना एक गंभीर समस्या बन चुका है। जो समस्या कभी 50 की उम्र के बाद दिखती थी, वह अब 14 से 30 साल के युवाओं को परेशान कर रही है। आयुर्वेद के अनुसार, इसके पीछे हमारी किचन में मौजूद कुछ खास चीजें और हमारा बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल है। हमारे सहयोगी प्लेटफॉर्म 'लोकल 18' से बातचीत करते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर मीनाक्षी शर्मा ने इस समस्या पर विस्तार से जानकारी दी है।

आयुर्वेद में समय से पहले बालों के सफेद होने को 'अकाल पल्यता' कहा जाता है। डॉ. मीनाक्षी शर्मा के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से शरीर में पित्त दोष के बढ़ने के कारण होती है। जब शरीर के अंदरूनी तंत्र में गर्मी बढ़ती है, तो इसका सीधा असर बालों की जड़ों और उन्हें काला रखने वाले पिगमेंट पर पड़ता है।

किचन की ये चीजें हैं बालों की दुश्मन


डॉ. शर्मा बताती हैं कि अक्सर गर्मी के मौसम में बच्चे और युवा ऐसी चीजों का सेवन अधिक करते हैं जो शरीर में पित्त (गर्मी) को बढ़ाती हैं। अगर आप सफेद बालों से बचना चाहते हैं, तो इन चीजों पर लगाम लगाएं:

गुड़ और ड्राई फ्रूट: इनकी तासीर गर्म होती है, जो गर्मियों में पित्त दोष को भड़का सकती है।

अचार और चटनी: ज्यादा मसालेदार और खट्टी चीजें बालों की सेहत बिगाड़ती हैं।

चाय और कॉफी: इनमें मौजूद कैफीन शरीर की गर्मी बढ़ाता है।

ज्यादा नमक: आयुर्वेद के अनुसार, नमक का अत्यधिक सेवन भी बालों को जल्दी सफेद करता है।

पित्त शांत करने के लिए क्या खाएं?

शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए नारियल पानी, खीरा, तरबूज, अनार और आंवला का सेवन करें। इसके अलावा सौंफ, धनिया, पुदीना, घी और दूध जैसे चीजें एसिडिटी कम करते हैं और बालों को पोषण देते हैं।

बालों को काला रखने के 3 अचूक आयुर्वेदिक उपाय

डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने कुछ ऐसी प्राचीन पद्धतियां और औषधियां बताई हैं, जो सफेद बालों की रफ्तार को रोक सकती हैं:

जल नीति और अनु तेल: जल नीति (नासिका मार्ग की सफाई) और रोजाना नाक में 'अनु तेल' की 2-3 बूंदें डालना बालों को काला रखने में जादुई असर दिखाता है।

भृंगराज तेल: इसे 'केशराज' भी कहा जाता है। बचपन से ही भृंगराज तेल का इस्तेमाल बालों को जड़ों से मजबूत और काला बनाए रखता है।

नहाने के तरीके में बदलाव: कई लोग सर्दियों में सिर पर गर्म पानी डालते हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार, सिर पर गर्म पानी डालना पित्त दोष को सीधा बढ़ाता है, जो बालों को सफेद करने की सबसे बड़ी वजह है। सिर धोने के लिए हमेशा सामान्य या ठंडे पानी का ही प्रयोग करें।

क्या सफेद बाल दोबारा काले हो सकते हैं?

डॉ. शर्मा ने एक कड़वी सच्चाई भी साझा की। उन्होंने बताया कि अगर एक बार बाल सफेद होने शुरू हो जाएं, तो उन्हें पहले जैसा पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है, लेकिन सही खानपान और आयुर्वेदिक उपायों से इस समस्या को वहीं रोका जा सकता है और आगे बढ़ने से बचाया जा सकता है।

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