Gujarat Food Poisoning Cases: गुजरात में फूड पॉइजनिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला, दाहोद जिले के अभलोड गांव का है, जहां एक शादी समारोह में खाना खाने के बाद 400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना पिछले कुछ हफ्तों में राज्य में सामने आए ऐसे कई मामलों की कड़ी में एक और मामला है, जिससे चिंता बढ़ गई है।
दाहोद जिले के अभलोड गांव में एक शादी का जश्न अचानक स्वास्थ्य संकट में तब बदल गया, जब 400 से ज्यादा मेहमान संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार पड़ गए। जिससे हेल्थ इमरजेंसी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कई प्रभावित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि बीमारी की असली वजह का पता लगाया जा सके। हालांकि, किस खाने की वजह से लोग बीमार हुए, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है।
बता दें कि दाहोद, जो पूर्वी गुजरात का एक आदिवासी बहुल जिला है, वहां पहले भी ऐसे फूड सेफ्टी से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं।
एक अलग घटना में, अहमदाबाद के मेमनगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में 5 अप्रैल को फूड पॉइजनिंग का एक संदिग्ध मामला सामने आया। पटेल समाज द्वारा संचालित इस हॉस्टल की करीब 57 छात्राओं को एक दिन से अधिक समय से गंभीर दस्त, मतली और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती छात्राओं की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई, जिनमें से कई को स्टर्लिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राजपुरा गांव की घटना: एक पैटर्न सामने आ रहा है
यह इस महीने गुजरात में फूड पॉइजनिंग की पहली घटना नहीं है। 9 अप्रैल को, अहमदाबाद जिले के देत्रोज तालुका के राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में लोकप्रिय गुजराती नाश्ता सेव-खमानी खाने के बाद लगभग 100 लोग बीमार पड़ गए।
इनमें से 38 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है।
अस्पताल में भर्ती लोगों के अलावा, एहतियात के तौर पर उसी नाश्ते का सेवन करने वाले 214 अन्य ग्रामीणों को भी उपचार दिया गया।
स्थिति का आकलन करने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है। खाने के सैंपल इकट्ठा करके लैब में जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
तीनों घटनाओं की जांच जारी है, और अधिकारियों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि खाने में किस तरह के हानिकारक तत्व मौजूद थे।