77th Republic Day: 'गणतंत्र दिवस की मुख्य अतिथि बनना सम्मान की बात'; भारत की मुरीद हुईं यूरोपीय संघ प्रमुख एंटोनियो कोस्टा

77th Republic Day: कुल 27 देशों के यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार (26 जनवरी) को कर्तव्य पथ पर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को देखा। इसके साथ ही वे उन नेताओं के समूह में शामिल हो गए, जो देश के सबसे बड़े इस समारोह के गवाह बने

अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 2:34 PM
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77th Republic Day: यूरोपीय संघ प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना सबसे बड़ा सम्मान है

77th Republic Day: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने सोमवार (26 जनवरी) को कहा कि एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वह एक ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते की उम्मीदों के बीच गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। समारोह में अपनी उपस्थिति को एंटोनियो लुइस ने जीवन भर का सम्मान बताया। भारत ने सोमवार को कार्तव्य पथ पर अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया।

कुल 27 देशों के यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को देखा। इसके साथ ही वे उन नेताओं के समूह में शामिल हो गए, जो देश के सबसे बड़े इस समारोह के गवाह बने।

एंटोनियो लुइस सैंटोस ने भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपनी टिप्पणी साझा की। उन्होंने लिखा, "एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सभी लाभान्वित होते हैं।"


यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष लेयेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों, विदेशी राजनयिकों और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ भव्य सैन्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।

यह पहली बार था जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेताओं ने मुख्य अतिथि के रूप में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। कोस्टा और वॉन डेर लेयेन एक उच्चाधिकार प्राप्त प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे।

गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की एक छोटी सैन्य टुकड़ी ने भी भाग लिया। परेड एवं विभिन्न झांकियों तथा प्रदर्शनों के जरिए गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर भारत ने अपनी सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक विकास और सैन्य कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। इसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलें, युद्धक विमान, नवगठित इकाइयां और घातक हथियार प्रणालियां शामिल थीं।

हर साल, भारत अपने गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए विश्व के किसी नेता को आमंत्रित करता है। पिछले साल, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे, जबकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 2024 में इस अवसर पर उपस्थित थे। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी 2023 में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर साल 2021 और 2022 में गणतंत्र दिवस पर कोई मुख्य अतिथि नहीं था। साल 2020 में, ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

इससे पहले, साल 2019 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे, जबकि 2018 में सभी 10 आसियान देशों के नेताओं ने समारोह में भाग लिया।

वर्ष 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समारोह में मुख्य अतिथि थे, जबकि तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने 2016 में इस अवसर की शोभा बढ़ाई थी।

साल 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड देखी थी। इससे पहले जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे समारोह में मुख्य अतिथि थे, जबकि भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने 2013 में परेड में हिस्सा लिया था।

गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों में निकोलस सरकोजी, व्लादिमीर पुतिन, नेल्सन मंडेला, जॉन मेजर, मोहम्मद खतामी और जाक शिराक भी शामिल हैं।

तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉन मेजर ने 1993 में इस समारोह में भाग लिया था, नेल्सन मंडेला ने 1995 में तत्कालीन दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति के रूप में भाग लिया था जबकि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने 2010 में परेड में भाग लिया था।

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साल 2008 में, सरकोजी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के रूप में समारोह में भाग लिया। जबकि एक अन्य फ्रांसीसी राष्ट्रपति, जाक शिराक ने 1998 में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। समारोह में भाग लेने वाले अन्य विश्व नेताओं में 1999 में नेपाल के राजा बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव, 2003 में ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद खतामी, 2011 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बामबांग युधोयोनो और 1991 में मालदीव के राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम शामिल हैं।

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