ममता बनर्जी ने सौरव गांगुली से भिजवाया था यूसुफ पठान को मैसेज? अब दादा ने किया ये खुलासा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय सौरव गांगुली का नाम चर्चा में हैं। हाल ही में एक रिपोर्टों में दावा किया गया कि उन्होंने ममता बनर्जी का संदेश तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान तक पहुंचाया था। वहीं सौरव गांगुली ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 6:54 PM
इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि रिपोर्ट में किए गए दावे पूरी तरह गलत हैं

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का नाम हाल ही में एक राजनीतिक विवाद में सामने आया है। एक रिपोर्टों में दावा किया गया कि, पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान तक ममता बनर्जी का संदेश पहुंचाया था। वहीं अब इस पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने खुद रिएक्शन दिया है। वहीं इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि रिपोर्ट में किए गए दावे पूरी तरह गलत हैं और बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित किए गए हैं।

आनंदबाजार पत्रिका की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से यूसुफ पठान से संपर्क किया था। रिपोर्ट के अनुसार, गांगुली ने उन्हें यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि वे बहरामपुर से सांसद पद छोड़ दें, ताकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उस सीट पर होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार बन सकें। इस दावे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।

'दादा' ने आरोपों को किया खारिज


इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि रिपोर्ट में किए गए दावे पूरी तरह गलत हैं और बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित किए गए हैं। सौरव गांगुली ने कहा, "मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं। मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें और अफवाहों या अटकलों पर भरोसा न करें। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के आरोपों की सत्यता को परखे बिना उन्हें खबर का हिस्सा बना दिया गया।"

किसी ने कोई मैसेज पहुंचाने को नहीं कहा

उन्होंने कहा, "ये साफ तौर पर रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए कि ममता बनर्जी ने मुझसे कभी भी यूसुफ पठान तक कोई ऐसा संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा, जिसमें उनसे सांसद पद से इस्तीफा देने का अनुरोध किया गया हो। रिपोर्ट में लगाए गए ऐसे सभी दावे पूरी तरह गलत हैं।" सौरव गांगुली ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी स्तर पर राजनीतिक मामलों से कोई संबंध नहीं रहा है और वह राजनीति से दूर रहे हैं।

ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस चुनावी झटके के बाद अंदरूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उसे सीमित सीटों पर ही जीत मिली। इसके बाद संगठन के भीतर मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं

बहरामपुर से सांसद है यूसुफ पठान

पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार राजनीति में कदम रखा और शानदार जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बहरामपुर सीट से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया। उनकी इस जीत को काफी अहम माना गया, क्योंकि अधीर रंजन लंबे समय से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे थे। बहरामपुर को तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां पार्टी को परंपरागत रूप से अच्छा समर्थन मिलता रहा है।

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