ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को हुआ। ममता बनर्जी अभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भारतीय राजनीति की एक कद्दावर नेता हैं। साल 1998 में कांग्रेस से अलग होकर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की
Mamata Banerjee Big Blow: सभी बागी सांसदों ने सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक आधिकारिक चिट्ठी सौंपी है, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले बीजेपी के गठबंधन NDA में शामिल होने की इच्छा जताई है
ममता बनर्जी साल 2011 में पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं। उनके नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य में 34 साल पुराने वामपंथी शासन को समाप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। वह बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री भी हैं।
ममता बनर्जी दो बार देश की पहली महिला रेल मंत्री रहीं। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में कोयला, मानव संसाधन विकास, युवा मामले और खेल, तथा महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री के तौर पर निभाई है।
सिंगूर का आंदोलन ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उन्होंने तत्कालीन वामपंथी सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों और किसानों की जमीन पर 'विशेष आर्थिक क्षेत्र' (SEZ) बनाने का कड़ा विरोध किया। इस आंदोलन ने उन्हें जनता और किसानों के बीच एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया।
2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हारने वाली बंगाल की तीसरी मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, उनकी पार्टी TMC को भारी बहुमत मिला और बाद में उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
ममता बनर्जी भारत की पहली ऐसी मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपने पद पर रहते हुए एक वकील के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। इसके साथ ही वह 2025 तक राज्य की तीसरी सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली मुख्यमंत्री बन चुकी हैं।