बंगाल में ममता बनर्जी की हार पर बिलबिला उठे पाकिस्तानी! अमित शाह पर ये सब कह दिया

Pakistan Media On West Bengal: पाकिस्तानी विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी विरोधी गठबंधन का सबसे मजबूत चेहरा थीं। वह विपक्ष का सबसे चमकता सितारा थीं।' विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के बाद अब भारत में कई दशकों तक बीजेपी को चुनौती देना लगभग नामुमकिन हो गया है

अपडेटेड May 07, 2026 पर 12:41 PM
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ममता बनर्जी की हार को सिर्फ टीएमसी की हार नहीं, बल्कि पूरे भारतीय विपक्ष की सामूहिक हार बताया

Mamata Banerjee-Pakistan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने न केवल भारत, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी खलबली मचा दी है। पाकिस्तानी मीडिया और वहां के राजनीतिक विश्लेषक ममता बनर्जी की करारी शिकस्त को भारतीय विपक्ष की 'रीढ़ टूटना' मान रहे हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल 'Dawn' पर हुई एक चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने माना कि बंगाल में बीजेपी की जीत ने भारत के राजनीतिक नक्शे को 'पश्चिम से पूर्व तक' पूरी तरह भगवा रंग में रंग दिया है।

'विपक्ष का इकलौता सितारा भी बुझ गया'

पाकिस्तानी विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी विरोधी गठबंधन का सबसे मजबूत चेहरा थीं। चर्चा के दौरान एक पैनलिस्ट ने कहा, 'ममता बनर्जी की हार केवल टीएमसी की हार नहीं, बल्कि पूरे भारतीय विपक्ष की सामूहिक हार है। वह विपक्ष का सबसे चमकता सितारा थीं।' विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के बाद अब भारत में कई दशकों तक बीजेपी को चुनौती देना लगभग नामुमकिन हो गया है।


अमित शाह को बनाया 'मैन ऑफ द मैच'

पाकिस्तानी मीडिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति की जमकर चर्चा हो रही है। पैनलिस्टों ने अमित शाह को इस जीत का 'मैन ऑफ द मैच' करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह शाह ने बंगाल अभियान का नेतृत्व किया, उससे पार्टी के भीतर उनका कद और भविष्य की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। चर्चा में यह भी कहा गया कि अगर भविष्य में अमित शाह या योगी आदित्यनाथ जैसे नेता कमान संभालते हैं, तो भारत की राजनीति का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।

ममता बनर्जी की हार के पीछे के बड़े कारण

पाकिस्तानी जानकारों ने ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता छिनने के पीछे कुछ ठोस कारण गिनाए। टीएमसी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर जनता में भारी गुस्सा था। इसके साथ ही बीजेपी ने बंगाल के मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने आर्थिक मॉडल और 'सेफ्टी नेट' का बेहतर विकल्प पेश किया। विशेषज्ञों ने ये भी कहा कि बंगाल की आबादी जर्मनी से भी ज्यादा है, और इतने बड़े राज्य में बीजेपी का सेंध लगाना एक बड़ी उपलब्धि है।

बंगाल का नया सियासी समीकरण

2026 के चुनाव नतीजों ने बंगाल के इतिहास को बदल कर रख दिया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता हासिल की। 2021 में 215 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई।

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