बालेन शाह के पीएम बनने के बाद सामने आया नेपाल का पहला इकोनॉमिक सर्वे, वहां की अर्थव्यवस्था के ये 5 आंकड़े चौंकाने वाले

Nepal Economic Survey: काठमांडू में नेपाल की नई सरकार का पहला इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने इस सर्वे को जारी करते हुए बताया कि ग्लोबल इकॉनमी की अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट के संघर्षों के बावजूद नेपाल के ओवरऑल इकोनॉमिक इंडिकेटर्स में काफी सुधार देखने को मिला है

अपडेटेड May 27, 2026 पर 7:43 PM
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बालेन शाह के पीएम बनने के बाद सामने आया नेपाल का पहला इकोनॉमिक सर्वे, वहां की अर्थव्यवस्था के ये 5 आंकड़े चौंकाने वाले

नेपाल की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद वहां की नई सरकार ने अपना पहला इकोनॉमिक सर्वे जारी कर दिया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार का यह पहला आर्थिक लेखा-जोखा है। आपको बता दें कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नेपाल के इस सर्वे में इकॉनमी को लेकर कुछ ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो वाकई चौंकाने वाले हैं।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले द्वारा काठमांडू में जारी किए गए इस इकोनॉमिक सर्वे में जहां नेपाल की इकॉनमी की साइज, विदेशी मुद्रा भंडार और प्रति व्यक्ति आय को लेकर मजबूत संकेत मिले हैं, वहीं देश के सामने खड़ी कई बड़ी चुनौतियां भी उजागर हुई हैं।

बुधवार को काठमांडू में नेपाल की नई सरकार का पहला इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने इस सर्वे को जारी करते हुए बताया कि ग्लोबल इकॉनमी की अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट के संघर्षों के बावजूद नेपाल के ओवरऑल इकोनॉमिक इंडिकेटर्स में काफी सुधार देखने को मिला है। सर्वे के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में नेपाल की इकॉनमी के 3.85 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।


नेपाल की अर्थव्यवस्था से जुड़े 5 चौंकाने वाले आंकड़े

इस सर्वे में नेपाल की आर्थिक सेहत को लेकर अलग-अलग आंकड़े शेयर किए गए हैं। इसकी 5 बड़ी बातें आप यहां नीचे देख सकते हैं-

  1. सर्वे के अनुमान के मुताबिक, नेपाल की इकॉनमी का कुल साइज अब 6.6 ट्रिलियन नेपाली रुपये (लगभग 43 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है
  2. नेपाल में प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (Per Capita Gross National Income) अब 1535 अमेरिकी डॉलर (USD 1535) तक पहुंचने का अनुमान है।
  3. नेपाल का विदेशी मुद्रा भंडार 3. 414 बिलियन नेपाली रुपये (करीब 22.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर) दर्ज किया गया है। यह भंडार इतना मजबूत है कि इससे नेपाल अगले 18 महीनों तक गुड्स और सर्विसेज (वस्तुओं और सेवाओं) का इम्पोर्ट आसानी से कर सकता है।
  4. देश में इस समय महंगाई दर पूरी तरह कंट्रोल में है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
  5. विदेशों में काम करने वाले नेपाली नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले धन में इस बार काफी बड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिसने देश के एक्सटर्नल सेक्टर को बहुत मजबूती दी है।

बढ़ते आंकड़े के बीच छिपी हैं 4 बड़ी चुनौतियां

भले ही ग्रोथ रेट और फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े अच्छे दिख रहे हों लेकिन वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने माना कि देश की अर्थव्यवस्था के सामने अभी भी कई गंभीर मोर्चे हैं। इनसे निपटना बालेन शाह सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। नेपाल का पूंजीगत व्यय काफी कमजोर है। इससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है। नेपाल का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा मतलब ये कि देश में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट बहुत ज्यादा हो रहा है। देश के ऊपर लगातार बढ़ता सरकारी कर्ज एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर को बैंकों की तरफ से लोन मिलने की रफ्तार काफी धीमी हैय़ जिससे नए बिजनेस और इन्वेस्टमेंट प्रभावित हो रहे हैं।

अब AI और डिजिटल सर्विसेज पर रहेगा नेपाल का फोकस

इस आर्थिक सर्वे से पहले मई के शुरुआती दिनों में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद के संयुक्त सत्र में सरकार का विजन और पॉलिसी डॉक्यूमेंट पेश किया था। इस पॉलिसी के तहत बालेन शाह सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को सेट कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए नेपाल सरकार का सबसे ज्यादा फोकस हाई-टेक सेक्टर्स पर रहने वाला है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना, डिजिटल सर्विसेज और क्लाउड सर्विसेज का विस्तार, ग्रीन कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करना जैसी चीजें शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर नई सरकार इन सेक्टर्स में अच्छा काम करती है और अपने व्यापार घाटे को कम कर लेती है तो आने वाले सालों में नेपाल की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत हो सकती है।

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