ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि फिलहाल युद्ध की संभावना कम है, लेकिन उसने साफ चेतावनी दी कि अगर हमला हुआ तो जवाब बेहद खतरनाक होगा। IRGC ने कहा कि ईरानी सेना पूरी तैयारी में है और दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। IRGC नेवी के डिप्टी पॉलिटिकल चीफ मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा, “युद्ध की संभावना कम है, क्योंकि दुश्मन कमजोर है, लेकिन हमारी सेना पूरी ताकत के साथ तैयार बैठी है।”
उन्होंने ईरान के दक्षिणी तट को लेकर भी बड़ा बयान दिया। अकबरजादेह ने चेतावनी देते हुए कहा, “चाबहार से लेकर माहशहर तक का इलाका हम दुश्मनों की कब्रगाह बना देंगे।” यह पूरा इलाका ईरान के दक्षिणी समुद्री तट पर फैला हुआ है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब करीब सात हफ्तों से ईरान और अमेरिका के बीच एक नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
इसी बीच ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका लगातार ईरानी व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहा है और “गैरकानूनी व अन्यायपूर्ण” कार्रवाई कर रहा है।
ईरान ने अमेरिका पर “समुद्री डकैती” जैसे आरोप भी लगाए। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका ने कई ईरानी जहाजों को निशाना बनाया है।
मंगलवार को ईरान के दक्षिणी होरमोजगन प्रांत में हुए धमाकों को लेकर भी ईरान ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। ईरान ने कहा कि यह हमला युद्धविराम का “खुला उल्लंघन” है।
वहीं अमेरिका ने इन हमलों को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने उन मिसाइल लॉन्च साइट्स और नौकाओं को निशाना बनाया जो कथित तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने CNN से कहा, “अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की गई। निशाने पर मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नावें थीं।”
उन्होंने कहा कि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद अमेरिकी सेना अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए सतर्क है और संयम बरत रही है।
Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान की दो नौकाएं होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं। अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमान पर मिसाइल हमला होने के बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह तनाव बातचीत से कम होगा या फिर मध्य पूर्व एक नए बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ेगा।