Trisha Krishnan News: करीब तीन दशकों से तमिल सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल एक्ट्रेस तृषा कृष्णन इन दिनों अपनी फिल्मों की वजह से नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में लगातार उठ रहे विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। दिलचस्प बात यह है कि तृषा ने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। लेकिन इसके बावजूद उनका नाम राजनीतिक मंचों, चुनावी सभाओं और आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बन गया है। ताजा विवाद उस समय सामने आया जब तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को एक भाषण के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की एक रैली के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद मामला कानूनी विवाद में बदल गया।
विजय से जुड़ाव बना राजनीतिक मुद्दा
तृषा कृष्णन का राजनीति से जुड़ाव सीधे तौर पर उनकी फिल्मों के सह-कलाकार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से जुड़ा माना जाता है। तृषा और विजय ने पिछले दो दशकों में कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है। उनकी जोड़ी तमिल सिनेमा की सबसे सफल ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में गिनी जाती है।
इसी दौरान दोनों के निजी रिश्तों को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी सामने आती रहीं। हालांकि दोनों ने कभी इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की। जब विजय ने राजनीति में एंट्री किया और बाद में मुख्यमंत्री बने, तब ये अफवाहें मनोरंजन जगत से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गईं। इसके बाद विपक्षी दलों ने विजय पर निशाना साधने के लिए बार-बार तृषा का नाम उठाना शुरू कर दिया।
इस साल की शुरुआत में तमिलनाडु बीजेपी के वरिष्ठ नेता नैनार नागेंद्रन ने विजय पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें राजनीति में आने से पहले 'तृषा के घर से बाहर निकलना चाहिए।' इस बयान की व्यापक आलोचना हुई थी। कई लोगों ने कहा कि राजनीति से कोई संबंध न रखने वाली अभिनेत्री को राजनीतिक विवाद में घसीटना अनुचित है। हालांकि तृषा ने इस बयान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन उनकी कानूनी टीम ने बयान जारी कर उनके नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने और मानहानिकारक टिप्पणियां करने वालों को चेतावनी दी थी।
कावेरी विवाद के दौरान बढ़ा नया मामला
ताजा विवाद कावेरी नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर तंजावुर में आयोजित डीएमके के विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आया। रैली को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की, जिसे सत्तारूढ़ TVK ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन के खिलाफ अपमानजनक बताया। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया। मामला पुलिस तक पहुंचा और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद उदयनिधि स्टालिन की मंगलवार को गिरफ्तारी हुई।
उदयनिधि के भाषण से सियासत गर्म
यह घटनाक्रम तीन अगस्त को कावेरी जल विवाद को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के किसानों के विरोध प्रदर्शन में उदयनिधि के विवादित बयान के बाद हुआ है। आरोप है कि रैली के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिया था जिस पर उन्होंने अपने भाषण के दौरान एक्ट्रेस के संदर्भ में आपत्तिजनक 'द्विअर्थी' टिप्पणी की थी। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
राजनीतिक लड़ाई का केंद्र क्यों बन जाती हैं तृषा कृष्णन?
इसके अलावा, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने भी इस भाषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि राजनीति से पूरी तरह दूर रहने वाली तृषा कृष्णन आखिर बार-बार तमिलनाडु की राजनीतिक लड़ाई का केंद्र क्यों बन जाती हैं।
इस पूरे विवाद की सबसे खास बात यह है कि तृषा कृष्णन खुद किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं। उन्होंने न कभी किसी पार्टी की सदस्यता ली, न चुनाव प्रचार किया और न ही किसी राजनीतिक मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से पक्ष लिया। इसके बावजूद उनका नाम बार-बार तमिलनाडु की राजनीति में उछाला जा रहा है।
पहले उनका नाम मुख्यमंत्री विजय पर व्यक्तिगत हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया। अब वही नाम राज्य के नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। इससे साफ है कि राजनीति से पूरी तरह दूर रहने के बावजूद तृषा कृष्णन तमिलनाडु की सियासत का अहम राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं।