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80th Independence Day: PM मोदी का मैरून बांधनी साफा क्यों है खास? जानें 13 साल की पगड़ी की पूरी कहानी

PM Modi Turban: पिछले 13 सालों से आजादी के दिन एक चीज हमेशा एक जैसी रही है: पीएम मोदी की शानदार पगड़ी। उन्होंने इस साल भी राजघाट से शुरुआत की और फिर लाल किले पर अपना 13वां भाषण देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीले, हरे और सफेद बंधनी पैटर्न वाली गहरे मैरून रंग की पगड़ी पहनी थी।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Aug 15, 2026 पर 11:52 AM
80th Independence Day: PM मोदी का मैरून बांधनी साफा क्यों है खास? जानें 13 साल की पगड़ी की पूरी कहानी
हर 15 अगस्त बदलता है PM मोदी का साफा, 2014 से 2026 तक देखें पूरी कहानी

PM Modi Turban: पिछले 13 सालों से आजादी के दिन एक चीज हमेशा एक जैसी रही है: पीएम मोदी की शानदार पगड़ी। उन्होंने इस साल भी राजघाट से शुरुआत की और फिर लाल किले पर अपना 13वां भाषण देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीले, हरे और सफेद बंधनी पैटर्न वाली गहरे मैरून रंग की पगड़ी पहनी थी, जिसके साथ सफेद कुर्ता-पायजामा और भूरे रंग की नेहरू जैकेट थी।

2014 में पहली बार पहनने के बाद से उनकी पगड़ियों में राजस्थान की लहरिया से लेकर गुजरात की बंधनी तक की झलक दिखी है। उनकी हर पगड़ी उस साल के माहौल का एक खास संकेत मानी जाती है।

पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पगड़ी या राजस्थान में जिसे ‘साफा’ कहा जाता है, सम्मान और क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक मानी जाती है। इसके कपड़े, प्रिंट और पहनने के तरीके में भी खास मायने छिपे होते हैं। इससे पता चलता है कि यह किस समुदाय की परंपरा से जुड़ी है, किस राज्य से आई है और कभी-कभी इसके रंगों में राजनीतिक संदेश भी देखा जाता है।

पिछले एक दशक में जो चीज पहले सिर्फ पीएम मोदी की व्यक्तिगत पसंद और स्टाइल मानी जाती थी, वह अब स्वतंत्रता दिवस की तस्वीरों और कवरेज का एक खास हिस्सा बन गई है। हर साल फैशन लेखक, कपड़ा और कला के जानकार और राजनीतिक विश्लेषक उनकी पगड़ी के रंग और डिजाइन को अपने-अपने नजरिए से समझते हैं।

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